• No categories
  • No categories
ना तुम जीते, ना हम हारे

ना तुम जीते, ना हम हारे

-सुभाष मिश्रलोकसभा में महिला आरक्षण को लागू करने की ताज़ा कोशिश जिस तरह अंतत: विफल हुई, उसने भारतीय राजनीति को एक ऐसे मोड़ पर ला खड़ा किया है जहाँ जीत और हार ...

Continue reading

पेद्रो सांचेज़: ट्रंप की आंखों की किरकिरी

पेद्रो सांचेज़: ट्रंप की आंखों की किरकिरी

-डॉ. सुधीर सक्सेनाअमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वैश्विक परिदृश्य में उभरे उन नायकों को कतई पसंद नहीं करते हैं, जो उनकी बात नहीं मानते हैं। स्पेन के प्रध...

Continue reading

शक्ति और शोषण: कॉर्पोरेट गलियारों से उठता धुआँ

-सुभाष मिश्रमहाराष्ट्र के नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज की बीपीओ यूनिट से सामने आए कथित यौन उत्पीड़न, शोषण...

Continue reading

अब धर्मांतरण पड़ेगा महंगा

-सुभाष मिश्रधर्म, डर और विधेयक—छत्तीसगढ़ में यह तीनों शब्द अब केवल अवधारणाएँ नहीं, बल्कि एक साथ चल रही वास्तविक...

Continue reading

नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल लोकसभा में पास नहीं, आज सीएम हाउस में होगी अहम बैठक

रायपुर। नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल लोकसभा में पास नहीं होने के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस मुद्दे को लेकर आज मुख...

Continue reading

परिसीमन: गणित का खेल या लोकतंत्र की नई पटकथा?

-सुभाष मिश्रदेश में परिसीमन की प्रक्रिया जिस तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है, उसने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या हम केवल जनसंख्या के गणित के आधार पर ...

Continue reading

भूपेश बघेल के आरोपों पर गृहमंत्री का तीखा पलटवार, वेदांता एफआईआर को लेकर दी यह चुनौती

रायपुर। वेदांता पावर प्लांट में हुए बड़े हादसे के बाद पुलिस ने चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत 19 लोगों के खिलाफ एफआई...

Continue reading

एनसीआर का मज़दूर आंदोलन: हक़ की पुकार, सियासत का शोर और व्यवस्था की परीक्षा

-सुभाष मिश्र राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के औद्योगिक शहर गुडग़ांव, मानेसर, नोएडा, फरीदाबाद, भिवाड़ी और पानीपत इन दिनों एक ऐसे आंदोलन के साक्षी बन रहे हैं, जिसे क...

Continue reading

परिसीमन: बढ़ती सीटें, सिकुड़ता संतुलन और सवालों के घेरे में नीयत

-सुभाष मिश्रभारत आज दुनिया की सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश है यह उपलब्धि कम, चुनौती अधिक है। सीमित भूगोल, सीमित ...

Continue reading

बिहार में नेतृत्व परिवर्तन: रणनीति, संकेत और राष्ट्रीय राजनीति की दिशा

-सुभाष मिश्रबिहार की राजनीति एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। लंबे समय तक सत्ता के केंद्र में रहे नीतीश कुमार के प्रभावी दौर के बाद यदि भारतीय जनता पार्टी...

Continue reading