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जीवन का सफर और अंतिम पड़ाव का अकेलापन

-सुभाष मिश्रकभी भारतीय समाज में विवाह को केवल सामाजिक संस्था नहीं, बल्कि जीवन भर का साथ माना जाता था। पति या पत्नी के चले जाने के बाद शेष जीवन यादों के सहारे ...

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राम नाम की लूट है… अयोध्या मंदिर में चढावे के चोरी का विवाद

राम नाम की लूट है… अयोध्या मंदिर में चढावे के चोरी का विवाद

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बदलता बस्तर : भय से विश्वास और विकास तक

बदलता बस्तर : भय से विश्वास और विकास तक

सुभाष मिश्रकभी गोलियों की आवाज़, बारूदी सुरंगों और लाल आतंक से कांपने वाला बस्तर आज एक नए मोड़ पर खड़ा दिखाई देता है। जंगलों की खामोशी में अब विकास की हलचल सु...

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ईरान-अमेरिका तनाव के बीच मोदी की ‘समझाइश’ :क्या यह चेतावनी है या राजनीतिक अवसर?

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच मोदी की ‘समझाइश’ :क्या यह चेतावनी है या राजनीतिक अवसर?

-सुभाष मिश्रदुनिया के किसी भी हिस्से में युद्ध केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रहता। उसका असर बाजार, तेल, मुद्रा, रोजगार और आम आदमी की रसोई तक पहुंचता है। आज पश्चिम...

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ना तुम जीते, ना हम हारे

ना तुम जीते, ना हम हारे

-सुभाष मिश्रलोकसभा में महिला आरक्षण को लागू करने की ताज़ा कोशिश जिस तरह अंतत: विफल हुई, उसने भारतीय राजनीति को एक ऐसे मोड़ पर ला खड़ा किया है जहाँ जीत और हार ...

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सुरों की वह लौ जो कभी नहीं बुझेगी

सुरों की वह लौ जो कभी नहीं बुझेगी

-सुभाष मिश्रआशा भोसले के निधन के साथ भारतीय संगीत जगत ने केवल एक महान गायिका को नहीं खोया, बल्कि एक पूरे युग को विदा होते देखा है। कुछ आवाज़ें ऐसी होती हैं जो...

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नक्सलवाद की समाप्ति का दावा और सियासत की धार

नक्सलवाद की समाप्ति का दावा और सियासत की धार

-सुभाष मिश्रसंसद में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का हालिया बयान केवल एक सुरक्षा उपलब्धि का ब्योरा नहीं था, बल्कि उसमें सियासत की तीखी धार भी साफ दिखाई दी। उन्...

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आंध्र प्रदेश में भीषण सड़क हादसा: ट्रक और बस की टक्कर के बाद लगी आग, 10 यात्री जिंदा जले, कई की हालत गंभीर

मार्कपुरम (आंध्र प्रदेश)। आंध्र प्रदेश के मार्कपुरम जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ गुरुवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे में 10 लोगों की दर्दनाक मौत ह...

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कांग्रेसियों की बयान बाजी

कांग्रेसियों की बयान बाजी

-सुभाष मिश्रकांग्रेस नेताओं के बोल-बच्चन इन दिनों फिर सुर्खियों में हैं और ऐसा लगने लगा है कि देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी के भीतर बयान देने की एक समाना...

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क्या भ्रष्टाचार पर अंकुश संभव है?

Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से: क्या भ्रष्टाचार पर अंकुश संभव है?

-सुभाष मिश्रभारत में भ्रष्टाचार अब केवल नैतिक पतन या व्यक्तिगत लालच का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह एक संस्थागत संकट का रूप ले चुका है। सुप्रीम कोर्ट का भ्र...

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