-सुभाष मिश्रआशा भोसले के निधन के साथ भारतीय संगीत जगत ने केवल एक महान गायिका को नहीं खोया, बल्कि एक पूरे युग को विदा होते देखा है। कुछ आवाज़ें ऐसी होती हैं जो...
-डॉ. सुधीर सक्सेनाचौदह दिनों का युद्धविराम खतरे में है। कोई नहीं जानता कि अमन का चौदहवीं का चाँद किस हद तक रक्तरंजित होगा, लेकिन मध्यपूर्व में भीषण जंग के महत...
-सुभाष मिश्रदुनिया एक बार फिर ऐसे चौराहे पर खड़ी है, जहां युद्ध और शांति के बीच की दूरी शब्दों, शर्तों और इरादों में सिमट गई है। इस्लामाबाद में प्रस्तावित अमे...