नई दिल्ली/जयपुर। विदेश से एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। कजाकिस्तान (Kazakhstan) में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे भारत के दो होनहार छात्रों की पानी में डूबने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान बृजराज मीना और निखिल कुरी के रूप में हुई है। ये दोनों छात्र राजस्थान (Rajasthan Students) के रहने वाले थे और कजाकिस्तान की करागंडा मेडिकल यूनिवर्सिटी (Karaganda Medical University) में एमबीबीएस (MBBS) सेकंड ईयर के छात्र थे।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार को दोनों छात्र कजाकिस्तान में कहीं तैरने गए थे, जहां गहरे पानी में जाने की वजह से यह दर्दनाक हादसा हो गया।
परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़ (Indian Students Death in Kazakhstan)
इस अचानक हुई त्रासदी से कजाकिस्तान में पढ़ रहे भारतीय छात्र समुदाय, मृतक छात्रों के दोस्तों और राजस्थान में रह रहे उनके परिवारों को गहरा सदमा लगा है। जवान बेटों की मौत की खबर सुनते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
इस बीच, ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) डॉक्टर्स एसोसिएशन ने इस मामले में तुरंत दखल दिया है। एसोसिएशन ने भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) को एक औपचारिक पत्र लिखा है। इस पत्र के जरिए सरकार से मांग की गई है कि कजाकिस्तान में जान गंवाने वाले दोनों भारतीय छात्रों के पार्थिव शरीरों (Dead Bodies) को जल्द से जल्द भारत वापस लाने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं।
जल्द से जल्द शव वापस लाने की मांग (Kazakhstan News Update)
FAIMA डॉक्टर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि डॉ. मोहम्मद मोमिन खान ने विदेश मंत्रालय और कजाकिस्तान में मौजूद भारतीय दूतावास (Indian Embassy in Kazakhstan) से भावुक अपील की है। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में पीड़ित परिवारों को हर संभव सरकारी मदद मिलनी चाहिए।
डॉ. खान ने जोर देकर कहा कि दोनों छात्रों के शवों को जितनी जल्दी हो सके उनके पैतृक गांव पहुंचाया जाए। इससे उनके माता-पिता और परिजन अपने रीति-रिवाजों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बेटों का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार (Last Rites) कर सकेंगे।