सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक की सेहत और उनके अनशन को लेकर अब देश के जाने माने समाजसेवी अन्ना हजारे ने अपनी आवाज उठाई है। अन्ना हजारे ने सरकार को सलाह दी है कि वह इस मामले में अपनी चुप्पी तोड़े और वांगचुक के साथ बातचीत का रास्ता निकाले। उनका मानना है कि किसी भी समस्या का हल सिर्फ संवाद से ही निकलता है।
अन्ना हजारे ने कहा कि सोनम वांगचुक पिछले 20 दिनों से लगातार अनशन पर बैठे हैं। इतने लंबे समय तक उपवास रखने वाले व्यक्ति के सब्र की परीक्षा लेना बिल्कुल भी उचित नहीं है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि उन्हें वांगचुक की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

सरकार को क्या करना चाहिए?
अन्ना हजारे के अनुसार, सरकार को वांगचुक की बातों को सुनना चाहिए। चाहे सरकार उनकी मांगों को मान ले या फिर साफ तौर पर अपनी बात रखे, लेकिन बात न करना समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए ताकि एक स्वस्थ चर्चा हो सके। संवाद की कमी से ही परिस्थितियां बिगड़ती हैं और सरकार को इस दिशा में तुरंत कदम उठाने की जरूरत है।
सोनम वांगचुक के दिल्ली में अस्पताल ले जाए जाने के बाद से ही पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है। समर्थकों की बढ़ती चिंता के बीच अन्ना हजारे का यह बयान बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार अब इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है, यह देखना बाकी है। फिलहाल देश भर की निगाहें इस मुद्दे पर टिकी हैं कि क्या सरकार और वांगचुक के बीच बातचीत शुरू हो पाएगी या नहीं। समाधान के लिए अब हर कोई केंद्र सरकार के अगले कदम का इंतजार कर रहा है।