पांच राज्यों के चुनाव: किसकी शह, किसकी मात?

-सुभाष मिश्रदेश में एक बार फिर लोकतांत्रिक उत्सव की शुरुआत हो गई है। इलेक्शन कमीशन आफ इंडिया ने पश्चिम बंगाल, अ...

Continue reading

खाड़ी युद्ध और गैस का संकट: वैश्विक आग की तपिश घर तक

-सुभाष मिश्रकवि सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की कविता है -यदि तुम्हारे घर के एक कमरे में आग लगी होक्या तुमदूसरे कमरे ...

Continue reading

नई किस्म का फसल चक्र परिवर्तन

-सुभाष मिश्रछत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद से लगातार छत्तीसगढ़ जिसे धान का कटोरा कहा जाता है ,वहां पर फसल चक्र परि...

Continue reading

आधी आबादी की मेहनत: क्या सचमुच सशक्तिकरण की ओर बढ़ रहे हैं कदम?

-सुभाष मिश्रअभी हाल ही में हमने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को लेकर काफी बात...

Continue reading

सडक़ें चौड़ी, सोच संकरी

सडक़ें चौड़ी, सोच संकरी

-सुभाष मिश्रशहरों में बढ़ते यातायात के दबाव को कम करने के लिए सरकारें लगातार नई सडक़ें बना रही हैं, पुराने मार्गों का चौड़ीकरण कर रही हैं और फ्लाईओवर तथा ओवरब्...

Continue reading

मिडिल ईस्ट का संकट : युद्ध, सत्ता और वैश्विक संतुलन की परीक्षा

-सुभाष मिश्रमिडिल ईस्ट में तेजी से बदलती घटनाएँ केवल एक क्षेत्रीय संघर्ष की कहानी नहीं हैं, बल्कि वे वैश्विक शक...

Continue reading

त्योहारों के बदलते स्वरूप

-सुभाष मिश्रअभी होली का त्योहार बीता है और कई जगहों पर रंग पंचमी भी मनाई जा रही है, लेकिन जो लोग लंबे समय से इस...

Continue reading

मुहूर्त, बाज़ार और विस्तारित होते त्यौहार

-सुभाष मिश्रमुहूर्त, बाज़ार और विस्तारित होते त्यौहार पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता इसलिए भी है क्योंकि ...

Continue reading

जंग की आग और जनभावना का ज्वार

-सुभाष मिश्रमिडिल ईस्ट की जंग अब केवल मिसाइलों और ड्रोन की लड़ाई नहीं रह गई है, यह जनभावनाओं की भी जंग बन चुकी है। अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद जिस तर...

Continue reading

ईरान-इजरायल युद्ध और विश्व व्यवस्था की परीक्षा

-सुभाष मिश्रमिडिल ईस्ट एक बार फिर बारूद के ढेर पर बैठा है और इस बार स्थिति सामान्य सीमा से कहीं आगे निकलती दिखा...

Continue reading