रायपुर। राजधानी रायपुर के सबसे पॉश इलाके ‘वीआईपी रोड’ पर शनिवार की आधी रात को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब भारी पुलिस बल ने वहां संचालित होने वाले नामचीन डिस्को और नाइट क्लबों में अचानक दबिश दे दी। पुलिस की इस सरप्राइज चेकिंग से क्लबों के भीतर और बाहर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यह पूरी कार्रवाई देर रात तक क्लबों के खुलने, सड़कों पर लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम और नाबालिगों की एंट्री जैसी गंभीर शिकायतों के बाद की गई है।
इन 4 बड़ी वजहों से देर रात एक्शन में आई पुलिस:
समय सीमा का उल्लंघन: स्थानीय निवासियों का आरोप था कि कई नाइट क्लब निर्धारित समय खत्म होने के बाद भी देर रात तक धड़ल्ले से चल रहे हैं, जिससे इलाके का माहौल खराब हो रहा था।
सड़कों पर अवैध पार्किंग: क्लबों के बाहर रसूखदारों और रईसजादों की गाड़ियां बेतरतीब ढंग से सड़क पर पार्क थीं। इसके चलते वीआईपी रोड पर देर रात लंबा ट्रैफिक जाम लग रहा था और आम राहगीरों का निकलना दूभर हो गया था।
नाबालिगों की एंट्री का शक: पुलिस को शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ क्लबों में बिना उम्र का सत्यापन किए (बिना आईडी चेक किए) नाबालिग लड़के-लड़कियों को भी प्रवेश दिया जा रहा है और वहां नशा परोसा जा रहा है।
यातायात में बाधा: देर रात तक क्लबों के बाहर भारी भीड़ और वाहनों के जमावड़े के कारण सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे थे।
तेलीबांधा पुलिस ने संभाला मोर्चा, संचालकों को दी अंतिम चेतावनी
इन लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तेलीबांधा थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह विशेष अभियान चलाया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर न सिर्फ क्लबों के भीतर चल रही गतिविधियों को खंगाला, बल्कि बाहर सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों को हटवाकर ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त कराया।
जांच के दौरान अधिकारियों ने क्लब संचालकों के दस्तावेज और रजिस्टर चेक किए। साथ ही सख्त हिदायत दी कि बिना पुख्ता पहचान पत्र (ID) देखे किसी को भी अंदर एंट्री न दी जाए।
नियमों की अनदेखी पड़ी भारी, अब सीधे सील होंगे क्लब
पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह सिर्फ एक शुरुआती जांच और चेतावनी थी। फिलहाल किसी क्लब पर बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सभी प्रबंधकों को नियमों का पाठ पढ़ा दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अगर दोबारा किसी क्लब में तय समय के बाद पार्टी चलती मिली, नाबालिगों की मौजूदगी पाई गई या बाहर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी, तो संबंधित संचालकों के खिलाफ सीधे एफआईआर (FIR) दर्ज कर क्लब को सील करने की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शहर की शांति व्यवस्था के लिए यह चेकिंग अभियान आगे भी जारी रहेगा।