जीवन का सफर और अंतिम पड़ाव का अकेलापन

-सुभाष मिश्रकभी भारतीय समाज में विवाह को केवल सामाजिक संस्था नहीं, बल्कि जीवन भर का साथ माना जाता था। पति या पत्नी के चले जाने के बाद शेष जीवन यादों के सहारे ...

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मुंबई में मोहर्रम के जुलूस में बंटे जहरीले कैप्सूल, पुणे का युवक गिरफ्तार

मुंबई के बायकुला इलाके में मोहर्रम के जुलूस के दौरान एक बेहद हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां लोगों को दर...

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हार की समीक्षा में अटका विपक्ष, अगले चुनाव की तैयारी में भाजपा

सुभाष मिश्रभारतीय राजनीति का स्वभाव तेजी से बदल रहा है। कभी देश की राजनीति पर लगभग एकछत्र प्रभाव रखने वाली कांग्रेस आज अपने अस्तित्व और पुनरुत्थान की चुनौती स...

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जमीन खरीदी का खेल: विकास किसका, फायदा किसका?

-सुभाष मिश्र'सभी भूमि गोपाल की - भारतीय संस्कृति में यह वाक्य इस भावना को दर्शाता है कि धरती किसी एक व्यक्ति की...

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मुंबई वालों के लिए बड़ी खुशखबरी: तेरह दिन की देरी के बाद झमाझम बारिश के साथ मानसून ने दी दस्तक, मौसम हुआ सुहाना

तपती धूप, चिपचिपी उमस और भीषण गर्मी से बेहाल मुंबईकरों क...

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दुनिया को पूँजीपति चला रहे हैं भ्रम या सच्चाई

-सुभाष मिश्रलोकतंत्र को अमीरों की जरूरत है या नहीं, यह सवाल आज पूरी दुनिया में नई तरह से उठ रहा है। दुनिया में ...

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राम नाम की लूट है… अयोध्या मंदिर में चढावे के चोरी का विवाद

राम नाम की लूट है… अयोध्या मंदिर में चढावे के चोरी का विवाद

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विपक्षी एकता : साथ भी और साथ के बाद भी संकट

-सुभाष मिश्र2014 के बाद भारतीय राजनीति में सबसे बड़ा परिवर्तन यह रहा कि भाजपा केवल एक पार्टी नहीं रही, बल्कि रा...

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हूज़ अफ्रेड ऑफ़ वर्जिनिया वुल्फ़? -सब डरते हैं

-सुभाष मिश्र1966 में एलिजाबेथ टेलर के फिल्म आई थी। जिस पर शरद जोशी ने मध्य प्रदेश की अफसरशाही पर एक व्यंग्य लिख...

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दो कौड़ी का कौन? शिक्षक, मीडिया और समाज की बहस !

-सुभाष मिश्रहाल के दिनों में एक टीवी बहस के दौरान शिक्षकों को लेकर की गई एक टिप्पणी ने देशभर में नई बहस छेड़ दी...

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