मप्र में यूसीसी का रास्ता साफ, कैबिनेट की मुहर

मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता यानी Uniform Civil Code लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। भोपाल के पास जगदीशपुर में आयोजित कैबिनेट बैठक में इस विधेयक के प्रारूप को मंजूरी दे दी गई है। सरकार अब 20 जुलाई से शुरू हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र में इसे पेश करेगी। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि अब सबके लिए कानून एक जैसा होगा।

विधेयक की सबसे बड़ी बात लिव-इन संबंधों को लेकर है। नए नियमों के अनुसार अब लिव-इन में रहने वाले जोड़ों को 1 महीने के भीतर अपना पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। यदि कोई बिना जानकारी दिए ऐसा करता है, तो उस पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। अच्छी बात यह है कि इस तरह के संबंधों से जन्म लेने वाली बच्चों को पूरा कानूनी हक और उत्तराधिकार मिलेगा। साथ ही, विवाह और तलाक के नियम भी अब सभी नागरिकों के लिए समान होंगे।

विशेषाधिकार और छूट मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस कानून के दायरे से आदिवासी समुदाय को बाहर रखा गया है। इसका मतलब है कि उनकी परंपराओं और नियमों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। सरकार का तर्क है कि यह कानून राम और रहीम के लिए एक जैसा होगा। इसके अलावा, कैबिनेट ने मेडिकल शिक्षा में सुधार के लिए जबलपुर स्थित मेडिकल यूनिवर्सिटी के विभाजन का भी फैसला लिया है। अब उज्जैन में नई मेडिकल यूनिवर्सिटी का मुख्यालय बनेगा।

विपक्ष से समर्थन की मांग मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को छोड़कर अन्य सभी दलों से मिले सुझावों पर आभार जताया है। उन्होंने कांग्रेस से अपील की है कि वे राजनीति से ऊपर उठकर इस जनहित के मुद्दे पर सरकार का समर्थन करें। सरकार अब इस पूरे मामले को विधानसभा में ले जाने की तैयारी में है। देखना होगा कि सत्र के दौरान इस पर कैसी बहस होती है।

Related News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *