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ईरान-अमेरिका तनाव के बीच मोदी की ‘समझाइश’ :क्या यह चेतावनी है या राजनीतिक अवसर?

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच मोदी की ‘समझाइश’ :क्या यह चेतावनी है या राजनीतिक अवसर?

-सुभाष मिश्रदुनिया के किसी भी हिस्से में युद्ध केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रहता। उसका असर बाजार, तेल, मुद्रा, रोजगार और आम आदमी की रसोई तक पहुंचता है। आज पश्चिम...

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शहरीकरण और बुनियादी ढांचे का संकट

विकास की दौड़ में दम तोड़ते शहर और कराहते पहाड़-सुभाष मिश्र

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डिजिटल इंडिया और डेटा सुरक्षा : सुविधा की क्रांति या भविष्य का बड़ा खतरा?

-सुभाष मिश्रभारत तेजी से डिजिटल युग की ओर बढ़ रहा है। आज गांवों तक इंटरनेट पहुंच चुका है, मोबाइल फोन बैंक बन चु...

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बदलाव समाज को करना है

-सुभाष मिश्रकिसी भी समाज में चली रही है परंपराएं तभी बदल सकती हैं या उनका दुरूपयोग रोका जा सकता है जब समाज के ल...

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डिग्री, बेरोजगारी और दिशाहीन युवा

-सुभाष मिश्रभारत आज दुनिया का सबसे बड़ा आबादी वाला देश है। दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी भी भारत के पास है। लं...

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स्क्रीन की निकटता दिल के कितने करीब ?

-सुभाष मिश्रडिजिटल युग में रिश्तों का व्याकरण बदल गया है। भावनाओं की वर्तनी बदल गई है। आपसी रिश्तों की दुनिया ज...

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साय की सर्जरी ने दिए साफ़ सन्देश

प्रफुल्ल पारेरायपुर। सुशासन तिहार के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एक बड़ी प्रशासनिक सर्जरी करते हुए चालीस स...

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‘उलटफेर का चुनाव 2026: क्या यह 2029 की प्रस्तावना है?’

-सुभाष मिश्रभारतीय राजनीति में 4 मई 2026 का दिन एक निर्णायक मोड़ की तरह उभरकर सामने आया है। पश्चिम बंगाल, तमिलन...

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मीडिया और लोकतंत्र की आवाज

सुभाष मिश्रयह कहना अब मुश्किल नहीं रह गया है कि मीडिया पर भरोसा तेजी से टूट रहा है। कभी अखबार और चैनल जनता की आ...

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