एक हंसी जो राष्ट्रीय शर्म का कारण बन गई !

-सुभाष मिश्रहंसी को लेकर हमारे पुराणों में कहा गया है। इससे बड़ा विभाजन का कोई हथियार नहीं। महाभारत में द्रोपदी...

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बदलता बस्तर : भय से विश्वास और विकास तक

बदलता बस्तर : भय से विश्वास और विकास तक

सुभाष मिश्रकभी गोलियों की आवाज़, बारूदी सुरंगों और लाल आतंक से कांपने वाला बस्तर आज एक नए मोड़ पर खड़ा दिखाई देता है। जंगलों की खामोशी में अब विकास की हलचल सु...

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गर्मी का प्रकोप और पेयजल का संकट

-सुभाष मिश्रदेश इस समय दोहरी मार झेल रहा है-एक तरफ आसमान से बरसती आग और दूसरी तरफ धरती के भीतर सूखता पानी। उत्त...

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स्क्रीन का गुस्सा जमीन पर कैसे उतरेगा ?

-सुभाष मिश्रदेश के प्रधान न्यायाधीश के एक असावधान या राजनीतिज्ञों की भाषा में कहें तो राजनीति से प्रेरित अतिरेक...

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धंधे में धुत्त सुंदरता का बाजार

-सुभाष मिश्रसुंदर दिखने की चाह मनुष्य की स्वाभाविक प्रवृत्ति है। हर व्यक्ति चाहता है कि वह आकर्षक दिखे, उसका व्...

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राजपाट — प्रफुल्ल पारे

मलाई की जगह मेहनत

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कानून सख्त लेकिन दहेज हत्या जारी

-सुभाष मिश्रभारत में दहेज विरोधी कानूनों की सूची लंबी है। कानून की किताबें मोटी हैं, अदालतों के फैसले कठोर हैं ...

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देहरादून के पैनेसिया अस्पताल में भीषण आग, 55 वर्षीय मरीज की मौत, कई की हालत गंभीर

Dehradun के पैनेसिया अस्पताल में बुधवार को अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। हादसे में एक 55 वर्षीय मरी...

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सत्ता का प्रतीक बुलडोजर

-सुभाष मिश्रभारत में बुलडोजर केवल अवैध निर्माण तोडऩे वाली मशीन नहीं रह गया है, बल्कि आज यह राजनीति, प्रशासनिक श...

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बस्तर की मिठास : क्या इस बार वनवासियों तक पहुंचेगा लाभ?

बस्तर की मिठास : क्या इस बार वनवासियों तक पहुंचेगा लाभ?

-सुभाष मिश्रबस्तर की पहचान लंबे समय तक नक्सल हिंसा, भय और उपेक्षा से जुड़ी रही, लेकिन अब वही बस्तर विकास, आत्मनिर्भरता और उम्मीद की नई कहानी लिखने की कोशिश कर...

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