वाणी का संयम खोने का बढ़ता रिवाज

वाणी का संयम खोने का बढ़ता रिवाज

-सुभाष मिश्रभारतीय परंपरा में वाणी को केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र का दर्पण माना गया है। कबीर, रहीम, तुलसीदास और गुरु नानक जैसे संतों ने बार-ब...

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पंजाब में ‘मान’ सरकार की स्वास्थ्य क्रांति: लुधियाना और पटियाला ने गाड़े झंडे, छोटे जिलों में भी हेल्थ कार्ड की मची धूम

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब का स्वास्थ्य ढांचा एक ऐतिहासिक बदलाव का गवाह बन रहा है। राज्य सरकार...

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क्या छत्तीसगढ़ बनेगा “खेलगढ़”? – उभरती संभावनाओं, मजबूत ढांचे और अधूरे सवालों का सच

-सुभाष मिश्रछत्तीसगढ़ अब केवल खनिज, वन और सांस्कृतिक विविधता का प्रदेश भर नहीं रह गया है; वह तेजी से खेलों के मानचित्र पर अपनी अलग पहचान गढ़ने की दिशा में बढ़...

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पहलगाम से ऑपरेशन सिंदूर तक: जवाब मिला या सिर्फ बयान?

-सुभाष मिश्र22 अप्रैल 2025 यह तारीख सिर्फ एक आतंकी हमले की नहीं, बल्कि भारत की सुरक्षा व्यवस्था, राजनीतिक इच्छा...

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ना तुम जीते, ना हम हारे

ना तुम जीते, ना हम हारे

-सुभाष मिश्रलोकसभा में महिला आरक्षण को लागू करने की ताज़ा कोशिश जिस तरह अंतत: विफल हुई, उसने भारतीय राजनीति को एक ऐसे मोड़ पर ला खड़ा किया है जहाँ जीत और हार ...

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एनसीआर का मज़दूर आंदोलन: हक़ की पुकार, सियासत का शोर और व्यवस्था की परीक्षा

-सुभाष मिश्र राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के औद्योगिक शहर गुडग़ांव, मानेसर, नोएडा, फरीदाबाद, भिवाड़ी और पानीपत इन दिनों एक ऐसे आंदोलन के साक्षी बन रहे हैं, जिसे क...

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परिसीमन: बढ़ती सीटें, सिकुड़ता संतुलन और सवालों के घेरे में नीयत

-सुभाष मिश्रभारत आज दुनिया की सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश है यह उपलब्धि कम, चुनौती अधिक है। सीमित भूगोल, सीमित ...

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भारतीय संविधान और बाबासाहेब अंबेडकर

-सुभाष मिश्रभारत के लोकतांत्रिक इतिहास में यदि किसी एक व्यक्ति ने विचार, संघर्ष और व्यवस्था तीनों स्तरों पर स्थायी छाप छोड़ी है, तो वह नाम है। दुर्भाग्य यह है...

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सुरों की वह लौ जो कभी नहीं बुझेगी

सुरों की वह लौ जो कभी नहीं बुझेगी

-सुभाष मिश्रआशा भोसले के निधन के साथ भारतीय संगीत जगत ने केवल एक महान गायिका को नहीं खोया, बल्कि एक पूरे युग को विदा होते देखा है। कुछ आवाज़ें ऐसी होती हैं जो...

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महिला आरक्षण: नीति, राजनीति और नीयत के बीच

-सुभाष मिश्रभारत की लोकतांत्रिक यात्रा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का प्रश्न नया नहीं है, लेकिन हर बार यह प्...

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