सत्ता का प्रतीक बुलडोजर

-सुभाष मिश्रभारत में बुलडोजर केवल अवैध निर्माण तोडऩे वाली मशीन नहीं रह गया है, बल्कि आज यह राजनीति, प्रशासनिक श...

Continue reading

बस्तर की मिठास : क्या इस बार वनवासियों तक पहुंचेगा लाभ?

बस्तर की मिठास : क्या इस बार वनवासियों तक पहुंचेगा लाभ?

-सुभाष मिश्रबस्तर की पहचान लंबे समय तक नक्सल हिंसा, भय और उपेक्षा से जुड़ी रही, लेकिन अब वही बस्तर विकास, आत्मनिर्भरता और उम्मीद की नई कहानी लिखने की कोशिश कर...

Continue reading

जनसंख्या की राजनीति : क्या भारत एक नए उत्तर-दक्षिण संघर्ष की ओर बढ़ रहा है?

- सुभाष मिश्रभारत ने दशकों तक अपने नागरिकों को एक ही बात समझाई-हम दो, हमारे दो। छोटे परिवार को आदर्श बताया गया,...

Continue reading

भोजशाला के बहाने नई बहस

भोजशाला से काशी-मथुरा तक: क्या भारत इतिहास सुधार रहा है या नया संघर्ष लिख रहा है?

Continue reading

महंगाई की मार और बेबस सरकार

-सुभाष मिश्रदेश में एक बार फिर महंगाई सबसे बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बनती जा रही है। पेट्रोल-डीजल के दामो...

Continue reading

सिमटती दुकानें घर पहुंचता बाजार

-सुभाष मिश्रएक फर्म जब घर में सस्ती दवाई उपलब्ध करा रहे हो तब दवाई दुकान में जाकर कौन महंगी दवाई खरीदेगा। इस सम...

Continue reading

सोना कितना सोना है..

-सुभाष मिश्रहर चमकने वाली चीज़ सोना नहीं होती, यह कहावत दुनिया में कहीं भी कही गई हो, लेकिन उसका सबसे गहरा अर्थ...

Continue reading

औरंगाबाद में बवाल: सांसद अभय कुशवाहा की स्कॉर्पियो पर हमला, चालक को लहूलुहान कर गाड़ी के शीशे तोड़े

औरंगाबाद: बिहार के औरंगाबाद जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां मदनपुर थाना क्षेत्र के हसनबार गांव में असा...

Continue reading

लीक होते पेपर और खामियां भुगतते छात्र

-सुभाष मिश्रदेश में हर साल लाखों युवा अपने सपनों को सच करने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं। कोई गांव छोड़कर शहर ...

Continue reading

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच मोदी की ‘समझाइश’ :क्या यह चेतावनी है या राजनीतिक अवसर?

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच मोदी की ‘समझाइश’ :क्या यह चेतावनी है या राजनीतिक अवसर?

-सुभाष मिश्रदुनिया के किसी भी हिस्से में युद्ध केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रहता। उसका असर बाजार, तेल, मुद्रा, रोजगार और आम आदमी की रसोई तक पहुंचता है। आज पश्चिम...

Continue reading