शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव: भारत की आजादी के अमर नायक

शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव: भारत की आजादी के अमर नायक

23 मार्च 1931 का दिन भारत के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा गया है। इसी दिन भगत सिंह, शिवराम राजगुरु और सुखदेव थापर ने हंसते-हंसते फांसी के फंदे को गले लगाया। ये तीनों युवा क...

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Editor-in-Chief सुभाष मिश्र

Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से- छत्तीसगढ़ विधानसभा का अगला सत्र अब नवा रायपुर में

-सुभाष मिश्रसंभव है की 25 साल पुरानी विधानसभा अब आने वाले समय में नवा रायपुर स्थित नये भवन से संचालित हो। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घोषणा की कि अगला सत्र नवा रायपुर में बने ...

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Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से – कानून सम्मत लेकिन संवेदना रहित

-सुभाष मिश्र(सन्दर्भ : बलात्कार की कोशिश में इलाहाबाद हाईकोर्ट का निर्णय )इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज राम मनोहर नारायण मिश्र ने 19 मार्च 2025 को फैसला दिया कि 11 साल की बच्ची क...

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Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से – नागपुर दंगा: छावा और औरंगजेब या फिर कोई और…?

सुभाष मिश्रमनुष्य स्मृतिजीवी होता है। उसके अनुभव, अध्ययन और आसपास की उपलब्ध जानकारी, सूचनाएं जिसमें फिल्में सोशल मीडिया आदि शामिल है, उसे इतिहास का बोध कराती है। घृणा और वैमनस्...

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Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से – स्टेडियम को बचाने की कवायद

-सुभाष मिश्रछत्तीसगढ़ के नवा रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम को बचाने की क़वायद और सरकार की मंशा हमने बनाया है हम ही सँवारेंगे के चलते अरसे बाद सीनियर क्रिकेटर्स की मास...

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Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से – जो करेगा जात की बात उसको कसकर पड़ेगी लात

-सुभाष मिश्रभाजपा नेता, केन्द्रीय मंत्री अपने बेबाक़ बयानों और अपने काम नवाचार के लिए जाने जाते हैं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी ने प्रधानमंत्री सड़क योजना के ज़रिए ग...

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Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से – मोबाइल बना जी का जंजाल

-सुभाष मिश्रपहले कहा जाता था कि ऊपरवाला सब देख रहा है। ईश्वर से कुछ नहीं छिपा है। तुम्हारे अच्छे बुरे कामों का एक दिन हिसाब होगा। लोगों ने देखा कि ईश्वर का गणित गड़बड़ाया हुआ ह...

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Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से – होली की भारतीय परंपरा

-सुभाष मिश्रऐसे समय जब होली और जुम्मा के नाम पर देश में तनाव पैदा करने की कोशिशे हो रही है तब हमें समझना पड़ेगा कि होली का त्यौहार रंगों और उल्लास का प्रतीक है। पुरानी दुश्मनिय...

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Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से – साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश

-सुभाष मिश्रहमारे देश में लगातार कुछ शरारती, कट्टर मज़हबी और अपराधिक और असामाजिक गतिविधियों में संलग्न ताक़तें देश के साम्प्रदायिक सौहाद्र्र को बिगाडऩे में लगी रहती हैं। क्रिके...

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Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से – हर जगह परचम लहराती महिलाएं

-सुभाष मिश्रसाक्षरता अभियान के दौरान एक गीत बहुत गाया जाता रहा है, ''ले मशालें चल पड़े हैं, लोग मेरे गांव के, अब अंधेरा जीत लेंगे लोग मेरे गांव के। इसी तरह एक सवाल पूछता गीत भी...

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