जीवन का सफर और अंतिम पड़ाव का अकेलापन

-सुभाष मिश्रकभी भारतीय समाज में विवाह को केवल सामाजिक संस्था नहीं, बल्कि जीवन भर का साथ माना जाता था। पति या पत्नी के चले जाने के बाद शेष जीवन यादों के सहारे ...

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शादी से मना करने की अपेक्षा हत्या आसान निर्णय

(प्रेम, विवाह और हत्या : बदलते समाज की भयावह कहानी)-सुभाष मिश्रह...

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हार की समीक्षा में अटका विपक्ष, अगले चुनाव की तैयारी में भाजपा

सुभाष मिश्रभारतीय राजनीति का स्वभाव तेजी से बदल रहा है। कभी देश की राजनीति पर लगभग एकछत्र प्रभाव रखने वाली कांग्रेस आज अपने अस्तित्व और पुनरुत्थान की चुनौती स...

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परिसीमन का नया फार्मूला: प्रतिनिधित्व बढ़ेगा या राजनीति बदलेगी?

-सुभाष मिश्रलोकसभा चुनाव 2029 अभी दूर है, लेकिन उसकी राजनीतिक बिसात अभी से बिछनी शुरू हो गई है। सत्ता पक्ष और व...

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जमीन खरीदी का खेल: विकास किसका, फायदा किसका?

-सुभाष मिश्र'सभी भूमि गोपाल की - भारतीय संस्कृति में यह वाक्य इस भावना को दर्शाता है कि धरती किसी एक व्यक्ति की...

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योग की वैश्विक स्वीकार्यता परंपरा से विश्व जीवनशैली तक

-सुभाष मिश्र21 जून को मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं रह गया है। यह उस विचार...

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महंगाई के बोझ तले किसान, बढ़ती लागत से खेती घाटे का सौदा

-सुभाष मिश्रकिसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। खेतों में पसीना बहाने वाला किसान ही करोड़ों लोगों की थाली तक ...

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राजनीति में अपराधीकरण पर रोक: 130वें संविधान संशोधन बिल की रिपोर्ट तैयार, 30 दिन जेल में रहने पर छिनेगा मंत्री पद

नई दिल्ली : राजनीति के अपराधीकरण को दूर करने और सार्वजनिक पदों पर शुचिता बनाए रखने के लिए लाए जा रहे ऐतिहासिक 130वें संविधान संशोधन विधेयक, जम्मू-कश्मीर पुनर्...

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पार्टियों में टूट : विपक्ष की कमजोरी या सत्ता की रणनीति!

-सुभाष मिश्रभारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत उसकी बहुदलीय व्यवस्था रही है। अलग-अलग विचारधाराओं के अनेक दल भारत...

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दुनिया को पूँजीपति चला रहे हैं भ्रम या सच्चाई

-सुभाष मिश्रलोकतंत्र को अमीरों की जरूरत है या नहीं, यह सवाल आज पूरी दुनिया में नई तरह से उठ रहा है। दुनिया में ...

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