सूत्र और मूत्र की पॉलिटिक्स

Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से-सूत्र और मूत्र की पॉलिटिक्स

पत्रकारिता की दुनिया में ‘सूत्र’ (सोर्स) एक ऐसा शब्द है जो विश्वसनीयता और गोपनीयता का प्रतीक माना जाता है। अच्छे पत्रकार अपने सूत्रों का खुलासा नहीं करते, क्य...

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Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से - बदलता राजनीतिक ध्रुवीकरण

Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से – बदलता राजनीतिक ध्रुवीकरण

-सुभाष मिश्रअगला लोकसभा चुनाव 2029 में होने वाला है, लेकिन उससे पहले बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल जैसे प्र...

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सेलिब्रिटीज़ कर रहे सट्टेबाजी का प्रचार: कानूनी, सामाजिक और नैतिक सवाल

सेलिब्रिटीज़ कर रहे सट्टेबाजी का प्रचार: कानूनी, सामाजिक और नैतिक सवाल

-सुभाष मिश्रसेलिब्रिटीज़ द्वारा बेटिंग ऐप्स के प्रचार ने न केवल कानूनी, बल्कि सामाजिक और नैतिक सवाल भी खड़े किए...

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Editor-in-Chief सुभाष मिश्र

Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से – बिहार चुनाव हड़बड़ी में गड़बड़ी

-सुभाष मिश्रदेश का चुनाव आयोग बहुत जल्दी में है, बिहार में जो मतदाता गहन पुनरीक्षण २००३ के बाद नहीं हुआ उसे चुन...

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कल भारत बंद, 25 करोड़ से अधिक कर्मचारी राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर

कल भारत बंद, 25 करोड़ से अधिक कर्मचारी राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर

नई दिल्ली। कल यानी नौ जुलाई को बैंकिंग, डाक सेवा, खनन, निर्माण और परिवहन जैसे सरकारी क्षेत्रों के 25 करोड़ से अधिक कर्मचारी राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल पर जाएं...

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सोने की चमक में छिपा काले धन का खेल

Editor-in-chief सुभाष मिश्र की कलम से – सोने की चमक में छिपा काले धन का खेल

-सुभाष मिश्र भारत में सोने का आकर्षण कोई नई बात नहीं। शादी-ब्याह, तीज-त्योहार से लेकर मृत्यु की स्वर्ग निसैनी तक, सोना हमारी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। कहते हैं, ‘हर चमकने वाली...

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Editor-in-chief सुभाष मिश्र

Editor-in-chief सुभाष मिश्र की कलम से – विचारधारा, संगठन और सत्ता की रणनीति

भाजपा का चिंतन शिविर मैनपाट -सुभाष मिश्रभाजपा से जुड़े नेता अक्सर यह कहते सुने जाते हैं कि उनकी पार्टी बारहों महीने चौबीसों घंटे चुनाव के लिए तैयार रहती है। चुनाव बूथ पर्ची से...

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Editor-in-chief सुभाष मिश्र

Editor-in-chief सुभाष मिश्र की कलम से – सियासत या भाषा की लड़ाई

-सुभाष मिश्रभाषा लड़ाती नहीं मिलाती है। बीस साल से बिछड़े ठाकरे बंधु जिन्हें बाला साहेब ठाकरे जीते जी एक नहीं कर सके उन्हें हिन्दी ने मिला दिया। त्रिभाषा फार्मूला के अंतर्गत हि...

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Editor-in-Chief सुभाष मिश्र

Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से – चुनाव आयोग की भूमिका पर उठते सवाल

-सुभाष मिश्र भारत में चुनाव आयोग को संविधान के अनुच्छेद 324 के अंतर्गत एक स्वायत्त, निष्पक्ष और स्वतंत्र संवैधानिक संस्था के रूप में स्थापित किया गया है। इसका मूल कार्य चुनाव प्रक...

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बाबाओं के बोलवचन, दुनिया का पता है पर खुद का नहीं

बाबाओं के बोलवचन, दुनिया का पता है पर खुद का नहीं

-सुभाष मिश्रहमारे देश में बहुत से बाबा लोगों की धार्मिक आस्था और जीवन अनिश्चितता, अभाव और साधु-संतों के प्रति विश्वास की दीर्घकालिक परंपरा का लाभ उठा...

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