-सुभाष मिश्रभारतीय परंपरा में वाणी को केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र का दर्पण माना गया है। कबीर, रहीम, तुलसीदास और गुरु नानक जैसे संतों ने बार-ब...
-सुभाष मिश्रआशा भोसले के निधन के साथ भारतीय संगीत जगत ने केवल एक महान गायिका को नहीं खोया, बल्कि एक पूरे युग को विदा होते देखा है। कुछ आवाज़ें ऐसी होती हैं जो...