धरसीवा। औद्योगिक क्षेत्र सिलतरा के फेस वन स्थित एक फैक्ट्री में शनिवार शाम एक बार फिर बड़ा हादसा हो गया। पावर प्लांट के पास हुए ब्लास्ट में तखतपुर निवासी एक श्रमिक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गए। सभी घायलों को रायपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना को लेकर जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष पप्पू राजेंद्र बंजारे ने कड़ा आक्रोश जताते हुए सरकार से सवाल किया है कि औद्योगिक हादसों पर आखिर कब प्रभावी नियंत्रण किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, शनिवार शाम करीब पांच बजे फैक्ट्री में शटडाउन के दौरान पावर प्लांट के पास काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक ब्लास्ट हो गया, जिसकी चपेट में वहां काम कर रहे चार श्रमिक आ गए। हादसे में कृष्णा पूरी गोस्वामी, पिता सिद्धेश पूरी गोस्वामी, निवासी आजाद पारा तखतपुर की मौके पर ही मौत हो गई। तीन अन्य श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए रायपुर भेजा गया।
इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में श्रमिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रमिकों की मौत और गंभीर रूप से घायल होने की घटना से यह सवाल उठ रहा है कि क्या उन्हें खतरनाक स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा के बिना काम कराया जा रहा था। साथ ही यह भी प्रश्न है कि क्या श्रमिकों को मानक और आईएसआई प्रमाणित सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे और औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा निगरानी क्यों नहीं की गई।
गौरतलब है कि संबंधित फैक्ट्री में इससे पहले भी हादसे हो चुके हैं। इसी वर्ष अगस्त माह में यहां हुए एक अन्य हादसे में गिरौद निवासी एक श्रमिक की मौत हो गई थी। उस समय ग्रामीणों ने पूरे दिन फैक्ट्री के सामने धरना प्रदर्शन किया था। बाद में हुए समझौते के चलते न तो मृतक का पोस्टमार्टम कराया गया और न ही पुलिस में मामला दर्ज हुआ। लगातार हो रही घटनाओं ने उद्योग प्रबंधन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।