नई दिल्ली। नीट परीक्षा को लेकर देश भर में जारी विवाद और हंगामे के बीच केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए चार सीनियर अधिकारियों की नियुक्ति को हरी झंडी दे दी है। इनमें दो संयुक्त सचिव (जॉइंट सेक्रेटरी) और दो संयुक्त निदेशक (जॉइंट डायरेक्टर) स्तर के अधिकारी शामिल हैं। यह आदेश कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने कैबिनेट की नियुक्ति समिति की मंजूरी के बाद जारी किया है।

एनटीए वही सरकारी एजेंसी है, जो देश में नीट और जेईई जैसे बड़े एंट्रेंस एग्जाम आयोजित कराती है। यह सीधे उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत काम करती है। हालिया विवादों के बाद इस एजेंसी में बड़े स्तर पर प्रशासनिक सुधारों की मांग उठ रही थी। इसी के तहत दो जॉइंट सेक्रेटरी स्तर के अफसरों की एंट्री कराई गई है। इसमें पहली अधिकारी अनुजा बापट हैं, जो 1998 बैच की भारतीय सांख्यिकीय सेवा (ISS) की अफसर हैं। वहीं दूसरी अधिकारी रुचिता विज हैं, जो 2004 बैच की भारतीय राजस्व सेवा (IRS – C&IT) की अधिकारी हैं।
इसके साथ ही एजेंसी में जमीनी स्तर पर काम को संभालने के लिए दो नए जॉइंट डायरेक्टर भी भेजे गए हैं। इन दोनों अफसरों की तैनाती सिविल सर्विसेज बोर्ड की सिफारिश पर की गई है। पहले अधिकारी आकाश जैन हैं, जो 2013 बैच के आईआरएस (इनकम टैक्स) अफसर हैं। उन्हें ‘लेटरल शिफ्ट’ के तहत एक विभाग से दूसरे विभाग में ट्रांसफर कर एनटीए में भेजा गया है। आकाश जैन का कार्यकाल 4 दिसंबर 2029 तक रहेगा।
दूसरे जॉइंट डायरेक्टर आदित्य राजेंद्र भोजगढिया बनाए गए हैं। वे 2013 बैच के इंडियन ऑडिट एंड अकाउंट्स सर्विस (IA&AS) के अधिकारी हैं। इन्हें भी लेटरल शिफ्ट के माध्यम से सेंट्रल स्टाफिंग स्कीम के तहत एनटीए में संयुक्त निदेशक की जिम्मेदारी दी गई है। इनका कार्यकाल 16 मई 2028 तक रहेगा। सरकार की इस बड़ी कार्रवाई को एनटीए की साख दोबारा बहाल करने और परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।