नई दिल्ली: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच मिडिल-ईस्ट में जारी संघर्ष को एक महीने से अधिक का समय बीत चुका है। इस दौरान सैन्य कार्रवाई और कूटनीतिक तनाव के कारण वैश्विक चिंताएं गहराती जा रही हैं। ताजा घटनाक्रम में कुवैत और बहरीन पर हमले की खबरें हैं, जबकि कतर के समीप एक टैंकर के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है। वहीं इजरायली रक्षा प्रणाली ने यमन की ओर से दागी गई मिसाइल को सफलतापूर्वक विफल कर दिया है।
इजरायली सेना (आईडीएफ) के अनुसार, बुधवार को ईरान की ओर से किए गए मिसाइल हमले के जवाब में उनका हवाई सुरक्षा तंत्र तत्काल सक्रिय हो गया। इस हमले के बाद मध्य इजरायल के कई हिस्सों में चेतावनी के सायरन गूंज उठे। सेना ने पुष्टि की है कि ईरान की ओर से इजरायली सीमा क्षेत्र को निशाना बनाकर दागी गई मिसाइलों का पता चलते ही रक्षा तंत्र ने उन्हें रोकने की कार्रवाई शुरू कर दी।
जवाबी कार्रवाई में इजरायली वायुसेना ने तेहरान में ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर आईआरआईबी द्वारा रिपोर्ट किए गए कई इलाकों में जोरदार धमाके किए। आईडीएफ ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि उन्होंने तेहरान में ईरानी शासन के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर हवाई हमलों की एक श्रृंखला पूरी की है। इसके अतिरिक्त, लेबनान में भी संघर्ष तेज हो गया है, जहां सतह से हवा में मार करने वाली एक मिसाइल ने इजरायल के सैन्य ड्रोन को मार गिराया।
इजरायल डिफेंस फोर्सेज ने बुधवार को अपने सैन्य अभियान की व्यापकता का विवरण साझा करते हुए दावा किया कि यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के साथ मिलकर ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के हजारों ठिकानों को निशाना बनाया गया है। आईडीएफ प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रिन ने एक वीडियो संदेश में कहा कि इस संयुक्त अभियान का मुख्य उद्देश्य ईरानी नेटवर्क और उसके सहयोगियों को सैन्य रूप से कमजोर करना है।
प्रवक्ता द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अब तक 800 से अधिक हवाई हमले किए गए हैं और ईरान में लगभग 16,000 गोला-बारूद गिराए गए हैं। इस सैन्य कार्रवाई में ईरान से जुड़े 2,000 से अधिक सैनिकों और कमांडरों के मारे जाने का दावा किया गया है, जबकि रक्षा बलों ने लगभग 5,000 नए संभावित ठिकानों की पहचान भी की है।