कांकेर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित कांकेर जिले से सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी कामयाबी की खबर सामने आई है। जिला पुलिस और सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव के बीच दो खूंखार नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। आत्मसमर्पण करने वाले इन नक्सलियों की पहचान हिड़मे और शंकर के रूप में की गई है, जिन पर शासन की ओर से 8-8 लाख रुपये का इनाम घोषित था। कांकेर एसपी निखिल राखेचा ने इस पूरी कार्रवाई की पुष्टि करते हुए इसे नक्सलवाद के खिलाफ एक प्रभावी मोड़ बताया है।
एके-47 के साथ पहुंचे और छोड़ी हिंसा की राह
मैदानी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दोनों नक्सली एके-47 जैसे घातक हथियारों के साथ पुलिस मुख्यालय पहुंचे और आत्मसमर्पण किया। गौरतलब है कि सरकार द्वारा निर्धारित नक्सलवाद समाप्ति की विशेष समय सीमा के दिन ही यह सरेंडर हुआ है, जिसे रणनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इन नक्सलियों को शासन की पुनर्वास नीति का पूरा लाभ दिया जाएगा, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में सम्मान के साथ अपना जीवन व्यतीत कर सकें।
जंगलों में अब भी जारी है सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन
दरअसल, खुफिया इनपुट्स के मुताबिक कांकेर के अंदरूनी जंगलों में अभी भी करीब 15 नक्सलियों की मौजूदगी की खबर है। सुरक्षा बलों ने इन इलाकों की घेराबंदी तेज कर दी है और लगातार सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस प्रशासन की ओर से अन्य नक्सलियों से भी अपील की गई है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण करें। आने वाले दिनों में बस्तर और कांकेर के वनांचल क्षेत्रों से और भी बड़े सरेंडर की उम्मीद जताई जा रही है।
