Bhatapara: कब बंद करेंगे सिंगल यूज़ प्लास्टिक की बिक्री ?

कब बंद करेंगे सिंगल यूज़ प्लास्टिक की बिक्री ?

पालिका प्रशासन से शहर का सवाल

भाटापारा:- कैसे करेंगे प्लास्टिक वेस्ट का मैनेजमेंट ? कब बंद करेंगे सिंगल यूज़ प्लास्टिक का विक्रय ? नालियों की सफाई में निकल रहा वेस्ट देखकर सवालों का उठना चालू हो गया है। 50 से 60 फ़ीसदी हिस्सेदारी देखने में आ रही है प्लास्टिक वेस्ट की। शेष हिस्सा घरेलू एवं व्यावसायिक संस्थानों का कचरा मान कर चल रहा है स्थानीय प्रशासन। बढ़ सकती है दोनों प्रकार के वेस्ट की मात्रा क्योंकि नवरात्रि ने दस्तक दे दी है। ऐसे में जागरूकता अभियान शहर में चलाने की मांग के साथ सिंगल यूज़ प्लास्टिक की विक्रेता संस्थानों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जरूरत समझी जा रही है।

प्रतिबंध फिर भी…

सिंगल यूज़ प्लास्टिक के विक्रय और उपयोग पर सख्त प्रतिबंध है। इसके बावजूद न सिर्फ भंडारण और विक्रय हो रहा है बल्कि प्रयोग क्षेत्र भी विस्तार ले रहा है। नवरात्रि के अवसर पर मंदिरों के सामने लगी छोटी दुकानें खूब प्रयोग कर रहीं हैं। ऐसे में प्रतिदिन की खपत 9 से 10 क्विंटल तक जाने की संभावना है। सामान्य दिनों में 5 से 6 क्विंटल हर रोज की है।

बेखौफ यह सभी

फल, सब्जी और किराना। होटल और दवा दुकानें सिंगल यूज़ प्लास्टिक की बड़ी मांग वाले क्षेत्र माने जाते हैं। निर्माण, भंडारण, परिवहन और विक्रय पर रोक के बावजूद जांच और कार्रवाई को लेकर जिम्मेदारों ने जैसा मौन साधा हुआ है, उससे यह सभी क्षेत्र बेखौफ होकर व्यावसायिक गतिविधियां चलाए हुए हैं। यही वजह है कि नियमित खपत में वृद्धि का लक्ष्य लेकर चल रहा है सिंगल यूज़ प्लास्टिक का बाजार ।

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जिम्मेदारी से दूर हैं जिम्मेदार

स्थानीय प्रशासन को जांच, कार्रवाई और जब्ती तथा अर्थदंड के अधिकार दिए गए हैं लेकिन सफाई में निकल रहे वेस्ट में प्लास्टिक वेस्ट की मात्रा साफ तौर पर साबित कर रही है कि इसमें जिम्मेदारी से दूरी बनाई हुई है। इसके बावजूद शहर को आस है कि कभी ना कभी तो जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी समझेंगे और प्लास्टिक फ्री शहर की ओर कदम बढ़ाएंगे।

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