‘होमबाउंड’ के बहाने भारतीय सिनेमा की पड़ताल

-सुभाष मिश्रभारतीय सिनेमा आज दुनिया का सबसे बड़ा सिनेमा उद्योग है। संख्या के लिहाज़ से हम हॉलीवुड से कहीं आगे ह...

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मनरेगा, गांधी और राम: नाम बदलने से आगे की राजनीति

-सुभाष मिश्रमहात्मा गांधी के अंतिम शब्द थे— हे राम। यह कोई धार्मिक उद्घोष नहीं था, बल्कि उनके पूरे जीवन-दर्शन क...

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बीजेपी की राजनीति: ‘सरप्राइज़ फ़ैक्टर’, नितिन नवीन और जेनरेशन शिफ्ट की रणनीति

Politics of BJP: ‘सरप्राइज़ फ़ैक्टर’, नितिन नवीन और जेनरेशन शिफ्ट की रणनीति

भाजपा की कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नितिन नवीन की नियुक्ति ने सभी को चौंकाया है। अब सवाल यह है कि नितिन नवीन को जो की 45 साल के हैं दुनिया की सबसे बड़ी पार्...

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विकसित छत्तीसगढ़ विज़न @2047: सपना या चुनौती?

सुभाष मिश्रछत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र 14 दिसंबर 2025 से नवा रायपुर ...

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धुरंधर: सिनेमा, राष्ट्रवाद और नॉरेटिव की राजनीति

धुरंधर में बड़े साहब कौन है?-सुभाष मिश्र

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Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से- मेसी टूर बना अव्यवस्था और राजनीति का अखाड़ा

-सुभाष मिश्रपश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनावी सरगर्मी तेज होते ही हर सार्वजनिक घटना सत्ता और विपक्ष के बीच सिय...

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सरकारें तीन, साल दो: मोदी की गारंटी और भाजपा शासित राज्यों का द्विवार्षिक मूल्यांकन

-सुभाष मिश्रदिसंबर 2023 में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भाजपा ने सत्ता में वापसी या नए सिरे से प्रवे...

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Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से – 2 सालों में बस्तर की बदलती फिज़ा

-सुभाष मिश्रछत्तीसगढ़ में सत्ता परिवर्तन के दो साल पूरे होते हैं और यह कहना गलत नहीं होगा कि इस अवधि ने बस्तर क...

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Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से- बंगाल की जमीन फिर तप रही है — आस्था, राजनीति और ध्रुवीकरण की बढ़ती आँच

-सुभाष मिश्रपश्चिम बंगाल अगले वर्ष विधानसभा चुनाव की ओर बढ़ रहा है और इसी के साथ राज्य की राजनीतिक धरती एक बार ...

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पालिका और JLN महाविद्यालय में जमीन-निर्माण को लेकर विवाद गहराया

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