जब कुलपति ने साहित्य को ‘अनुशासन’ सिखाया और साहित्यकार प्रतिरोध भूलकर चुप रहे

-सुभाष मिश्रसाहित्य अकादमी और गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के संयुक्त आयोजन में वरिष्ठ कथाकार मनोज रूपड़...

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जेएनयू, नारे और राष्ट्र: अभिव्यक्ति की आज़ादी बनाम लोकतांत्रिक विवेक

-सुभाष मिश्रभारत के लोकतंत्र में विश्वविद्यालय केवल डिग्री बाँटने वाले संस्थान नहीं होते, बल्कि वे उस बौद्धिक च...

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एसआईआर: मतदाता सूची का शुद्धिकरण या लोकतंत्र की परीक्षा?

-सुभाष मिश्रउत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की ड्राफ्ट मतदाता सूची सामने आते ही लोकतंत्र के सबसे बुनियादी आधार—मतदाता—पर ही सवाल खड़े हो गए ह...

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मनरेगा पर नया प्रयोग: ग्रामीण रोजग़ार, नीति और राजनीति

मनरेगा पर नया प्रयोग: ग्रामीण रोजग़ार, नीति और राजनीति

दिसंबर 2025 में संसद द्वारा वीबी-जी-राम-जी अधिनियम का पारित होना केवल एक नई ग्रामीण योजना की शुरुआत नहीं है, बल्कि यह भारत की सामाजिक नीति, संघीय ढांचे और राज...

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ड्रग्स का बहाना, तेल असली निशाना?

-सुभाष मिश्रअमेरिका द्वारा वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई, राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी और उन्हें न्यूयॉर्क ले जाए जाने की घटनाएँ केवल एक देश की सत्ता-...

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दूषित पानी नहीं, दूषित तंत्रसबसे स्वच्छ शहर इंदौर से उठता असहज सवाल

-सुभाष मिश्रइंदौर देश का सबसे स्वच्छ शहर। लगातार वर्षों से स्वच्छता रैंकिंग में प्रथम। जिसे मॉडल कहा गया, जिसे ब्रांड बनाया गया, जिसे शासन-प्रशासन की सफलता का...

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क्रिकेट के बहाने बंगाल में ‘नया खेला’ शाहरुख़ ख़ान, राष्ट्रवाद और चुनावी उन्माद

-सुभाष मिश्रभारत में जब भी चुनाव नज़दीक आते हैं, तब राजनीति अपने सबसे आसान औज़ार निकाल लेती है धर्म, राष्ट्रवाद...

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Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से – कर्ज में डूबे राज्य: विकास की सच्चाई और फ्रीबीज की राजनीति

-सुभाष मिश्रभारत को दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का श्रेय दिया जा रहा है और कहा जा रहा है कि 2030...

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Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से – नया साल: उम्मीद, आत्मबोध और उत्तरदायित्व

सुभाष मिश्रवर्ष 2026 का हम स्वागत कर रहे हैं अपने प्रिय कवि स्वर्गीय विनोद कुमार शुक्ल जिनका जन्मदिन भी है, उनक...

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Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से – अलविदा 2025 : जाते हुए लम्हों, जऱा ठहरो

-सुभाष मिश्रदिसंबर की आखिरी सांझ जब कैलेंडर का एक और पन्ना पलटने को होता है, तब समय केवल तारीख़ नहीं बदलता—वह ह...

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