Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से – नया साल: उम्मीद, आत्मबोध और उत्तरदायित्व

सुभाष मिश्रवर्ष 2026 का हम स्वागत कर रहे हैं अपने प्रिय कवि स्वर्गीय विनोद कुमार शुक्ल जिनका जन्मदिन भी है, उनक...

Continue reading

 नए साल की दस्तक और हड़ताल की आहट

Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से – नए साल की दस्तक और हड़ताल की आहट

-सुभाष मिश्रनया साल आम तौर पर उम्मीदों, संकल्पों और नई शुरुआत का प्रतीक होता है। लेकिन छत्तीसगढ़ में 2026 का आग़ाज़ कर्मचारियों के लिए हड़ताल और टकराव के माहौ...

Continue reading

याद किए गए महान शायर मिर्जा़ गालिब

रायपुर। नए साहित्यिक सांस्कृतिक समूह 'लोकमित्र' ने विगत 27 दिसंबर 2025 को हर्ष और उत्साह के साथ, एक वैविध्यपूर्ण कार्यक्रम के जरिए, महान शायर मिर्ज़ा ग़ालिब क...

Continue reading

Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से- शास्त्र की परंपरा, प्रवचन का उभार और राजनीति का प्रवेश

-सुभाष मिश्रभारतीय समाज की बुनियाद जिस बौद्धिक उदारता पर टिकी रही है, उसका सबसे जीवंत रूप शास्त्रार्थ की परंपरा...

Continue reading

Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से – सात फेरों की नहीं, अनुबंध की शादी

-सुभाष मिश्रविवाह भारतीय समाज में कभी केवल दो व्यक्तियों के बीच का निजी संबंध नहीं रहा। यह एक संस्कार था—जहां परिवार, समाज और धर्म साझी भूमिका निभाते थे। अग्न...

Continue reading

चंद्रपुर में दर्दनाक सड़क हादसा: 50 फीट गहरे गड्ढे में गिरी कार, एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत…

महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले की राजुरा तहसील में शनिवार देर रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया। सांडो गांव के पास करीब रात...

Continue reading

अटल के आईने में आज की भाजपा, अटल से मोदी तक

सुभाष मिश्रभारतीय राजनीति में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जो अपने समय से आग...

Continue reading

वेतनमान की दुहाई, बाज़ार की बन आई

Demand for pay scale : बाज़ार की बन आई

‘हमको मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिनदिल को खुश रखने के लिए ग़ालिब खय़ाल अच्छा है।’यह पंक्ति ...

Continue reading

Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से – बैटल ऑफ़ बंगाल: सच के इर्द-गिर्द रची जा रही राजनीति

-सुभाष मिश्रकबीर ने चेताया था-मैं कहता अखंड देखी, तू कहता कागज़़ की लेखी।सच कहूँ तो मरन दावे, झूठे जग बौराना।आज ...

Continue reading

Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से – प्रदूषण की मार, दिल्ली बीमार

-सुभाष मिश्रएक समय था जब कोरोना महामारी के दिनों में मास्क डर की पहचान बन गया था। हर व्यक्ति के चेहरे पर मास्क ...

Continue reading