बांग्लादेश की नई सरकार और भारत की उम्मीदें

-सुभाष मिश्र1947 में उपमहाद्वीप के विभाजन के साथ जब पाकिस्तान अस्तित्व में आया, तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि उसी पाकिस्तान के भीतर उपेक्षा, भाषाई अस्मिता औ...

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रेरा: खरीदारों की ढाल या बिल्डरों की यार?

-सुभाष मिश्ररियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के उद्देश्य से बना रियल एस्टेट (Regulation and ...

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खिलौनों के बाजार में वयस्कों की भीड़

आस्ट्रेलिया से सुभाष मिश्र

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झारखंड निकाय चुनाव: इंडिया ब्लॉक के सहयोगियों में दोस्ताना मुकाबला, जेएमएम और कांग्रेस ने उतारे अलग उम्मीदवार

रांची। झारखंड के 48 शहरी स्थानीय निकायों में होने वाले चुनाव अब त्रिकोणीय मुकाबले में बदल गए हैं। सत्तारूढ़ इंड...

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ऑस्ट्रेलिया में दान और मदद संस्कृति

ऑस्ट्रेलिया से सुभाष मिश्रभारत जैसे समाज में दान केवल सामाजिक व्यवहार नहीं, बल्कि सांस्कृ...

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जेल: सुधार गृह या यातना गृह?

-सुभाष मिश्रछत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल ने जेल से बाहर आने के बाद जो आरोप लग...

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धान का कटोरा और खनिज की धरती, संतुलन ही सुशासन की असली कसौटी

-सुभाष मिश्रछत्तीसगढ़ की राजनीति में धान केवल एक फसल नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था, समाज और सत्ता तीनों का केंद्र है। यही कारण है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की ...

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सत्ता के साये में अपमान की संस्कृति

-सुभाष मिश्रकिसी एक अधिकारी के निलंबन या किसी एक घटना को लेकर उठी हलचल अक्सर कुछ दिनों में थम जाती है, लेकिन उस...

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चुनाव, छापे और लोकतंत्र

-सुभाष मिश्रभारतीय लोकतंत्र में चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया नहीं होते हैं। वे जनता की आशाओं, अपेक्षा...

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नक्सलवाद के समाप्ति के बाद बस्तर में किस तरह का विकास होगा?

नक्सलवाद के समाप्ति के बाद बस्तर में किस तरह का विकास होगा?

-सुभाष मिश्रकेंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरा एक सामान्य प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं है। रायपुर के मेफेयर होटल में नक्सलवाद को लेकर हुई हा...

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