लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे और शानदार गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) पर अब मुफ्त सफर के दिन खत्म हो गए हैं। अगर आप भी इस एक्सप्रेसवे के जरिए मेरठ से प्रयागराज या बीच के किसी शहर जाने की योजना बना रहे हैं, तो अपनी जेब थोड़ी ढीली करने के लिए तैयार रहिए। सरकार ने इस 594 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स लागू कर दिया है।
चार हिस्सों में बंटा है टोल का गणित
प्रशासन ने टोल वसूली को आसान बनाने के लिए पूरे रास्ते को चार मुख्य हिस्सों में बांटा है। मेरठ से बदायूं, बदायूं से हरदोई, हरदोई से उन्नाव और उन्नाव से प्रयागराज। आप जिस हिस्से में सफर करेंगे, उसी के हिसाब से आपको शुल्क देना होगा। मेरठ से लेकर प्रयागराज तक का पूरा सफर करने पर एक कार सवार को करीब 1,800 रुपये खर्च करने होंगे।
गाड़ी के हिसाब से कितना लगेगा टोल?
यहाँ देखें मेरठ से प्रयागराज तक की पूरी रेट लिस्ट:
- कार, जीप या वैन (LMV): 1,800 रुपये
- हल्के कमर्शियल वाहन: 2,840 रुपये
- बस या ट्रक: 5,720 रुपये
- दो और तीन पहिया/ट्रैक्टर: 905 रुपये
- मल्टी-एक्सल वाहन: 8,760 रुपये
- 7 से ज्यादा एक्सल वाले भारी वाहन: 11,275 रुपये
FASTag है जरूरी, वरना लगेगा दोगुना जुर्माना
एक्सप्रेसवे पर टोल देने के लिए ‘फास्टैग’ (FASTag) होना अनिवार्य है। अगर आपकी गाड़ी पर फास्टैग नहीं है या वह काम नहीं कर रहा, तो आपको दोगुना टैक्स भरना पड़ सकता है। टोल लागू होने के साथ ही यात्रियों की सुरक्षा के लिए पेट्रोलिंग गाड़ियां और एम्बुलेंस सेवा को भी पहले से ज्यादा मुस्तैद कर दिया गया है।
समय बचेगा और सफर होगा आरामदायक
टोल लगने के बावजूद गंगा एक्सप्रेसवे लोगों की पहली पसंद बना हुआ है। मेरठ से प्रयागराज जाने में जहाँ पहले कई घंटे और भारी जाम का सामना करना पड़ता था, अब वही दूरी कुछ ही घंटों में तय हो रही है। रास्ते में पेट्रोल पंप, खाना-पीना करने के लिए फूड प्लाजा और इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए चार्जिंग स्टेशन की सुविधा भी मिल रही है।
रिपोर्टर की सलाह: एक्सप्रेसवे पर चढ़ने से पहले अपने फास्टैग का बैलेंस जरूर चेक कर लें। इससे न केवल आपका समय बचेगा, बल्कि आप बिना किसी परेशानी के अपनी यात्रा पूरी कर सकेंगे।