रायपुर। नवा रायपुर स्थित करोड़ों की लागत से बने जनजातीय संग्रहालय में बुधवार को अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। आग संग्रहालय की छत पर लगे एसी के आउटर यूनिट में लगी। बताया जा रहा है कि आग ब्लास्ट के साथ शुरू हुई, जिसके बाद तेज धुआं उठने लगा। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
गनीमत रही कि आग समय रहते काबू में आ गई। वरना बड़ा हादसा हो सकता था। संग्रहालय पूरी तरह वातानुकूलित है और छत पर कई एसी आउटर मशीनें एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। कर्मचारियों के मुताबिक आग पास की अन्य मशीनों तक नहीं पहुंची। साथ ही एसी पाइपलाइन या बिजली कनेक्शन के जरिए आग नीचे संग्रहालय परिसर तक भी नहीं फैली।
घटना की जानकारी मिलते ही नवा रायपुर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। कर्मचारियों ने बताया कि आग बुझाने में करीब डेढ़ घंटे का समय लगा। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रण में किया।
इस घटना के बाद संग्रहालय निर्माण में उपयोग किए गए उपकरणों और सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों और कर्मचारियों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद इतनी जल्दी तकनीकी खराबी सामने आना चिंता का विषय है।
गौरतलब है कि इस जनजातीय संग्रहालय का उद्घाटन करीब छह महीने पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्योत्सव के दौरान किया था। संग्रहालय को छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति और विरासत को प्रदर्शित करने के लिए आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार किया गया है।
फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती तौर पर तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी आधिकारिक रिपोर्ट जारी नहीं की गई है। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और फायर सेफ्टी सिस्टम को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।