भाजपा विधायक बालमुकुंद आचार्य का विवादित बयान: ‘हम दो हमारे चार’ का दिया नारा, बोले- रिश्ते बचाने को बच्चे जरूरी

अजमेर/जयपुर। अपने बेबाक और अक्सर विवादों में रहने वाले बयानों के लिए मशहूर जयपुर की हवामहल सीट से भाजपा विधायक ...

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आस्था, परंपरा और अधिकार : क्या बहस भटक रही है?

-सुभाष मिश्रभारत सचमुच विविधताओं का देश है। यहाँ धर्म केवल पूजा की विधि नहीं, बल्कि जीवन का विस्तृत सांस्कृतिक ...

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गिरता रुपया, बढ़ता दबाव: सबसे बड़ा बोझ आखिर किस पर?

-सुभाष मिश्रभारतीय अर्थव्यवस्था के मौजूदा परिदृश्य में रुपये की गिरती कीमत अब महज एक वित्तीय आंकड़ा नहीं रह गई ...

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डिजिटल जनगणना की नई शुरुआत: डेटा से तय होगा देश का भविष्य

-सुभाष मिश्रभारत में 1 अप्रैल 2026 से शुरू हुई 'जनगणना 2027' केवल एक प्रशासनिक कवायद नहीं, बल्कि देश के भविष्य की दिशा तय करने वाला एक निर्णायक मोड़ है। यह दे...

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नक्सलवाद की समाप्ति का दावा और सियासत की धार

नक्सलवाद की समाप्ति का दावा और सियासत की धार

-सुभाष मिश्रसंसद में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का हालिया बयान केवल एक सुरक्षा उपलब्धि का ब्योरा नहीं था, बल्कि उसमें सियासत की तीखी धार भी साफ दिखाई दी। उन्...

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बदलते बस्तर में उमड़ता जनसैलाब : शांति, विकास और चुनौती का संगम

-सुभाष मिश्रबस्तर आज एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहां अतीत की छाया और भविष्य की संभावनाएँ आमने-सामने दिखाई देती हैं। दशकों तक नक्सल हिंसा और भय के पर्याय रहे इस क...

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धुरंधर 2: सिनेमा, सियासत और सनसनी के बीच फंसी एक ‘नैरेटिव फिल्म’

-सुभाष मिश्रनिर्देशक आदित्य धर की फिल्म धुरंधर: द रिवेंज आज सिर्फ एक फिल्म नहीं रह गई है, यह एक ऐसा आईना बन गई ...

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युद्ध की आग, ऊर्जा का संकट और हिलती वैश्विक अर्थव्यवस्था

-सुभाष मिश्र19 मार्च 2026 को भारतीय शेयर बाजार में आई 22 महीनों की सबसे बड़ी गिरावट केवल एक वित्तीय घटना नहीं ह...

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धर्म, डर और विधेयक: छत्तीसगढ़ में कानून से ज्यादा संदेश क्यों हो गया है जरूरी

-सुभाष मिश्रछत्तीसगढ़ की विधानसभा में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक एक बार फिर पेश होने जा रहा है। पहली नजर में यह एक...

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