देहरादून/दिल्ली। भाजपा (BJP) संगठन इन दिनों पूरी तरह चुनावी मोड में नजर आ रहा है। पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर दिग्गज नेता नितिन नवीन (Nitin Nabin) ताबड़तोड़ राज्यों के दौरे कर रहे हैं। फिलहाल वे तीन दिनों के उत्तराखंड दौरे पर देहरादून पहुंचे हैं। वहां वे स्थानीय नेताओं और विधायकों से सीधे ग्राउंड रिपोर्ट (ground report) ले रहे हैं। उनका एक ही दोटूक सवाल है—’चुनाव कैसे जीतेंगे?’ नितिन नवीन सिर्फ पूछ नहीं रहे, बल्कि जीत का फॉर्मूला और सख्त हिदायतें भी दे रहे हैं।

विधायकों को हिदायत: सोशल मीडिया पर बरतें सावधानी (BJP Core Committee Meeting)
देहरादून में हुई बैठक के दौरान नितिन नवीन ने पार्टी विधायकों और पदाधिकारियों को साफ कहा कि वे सोशल मीडिया (social media optimization) का इस्तेमाल बहुत सोच-समझकर करें। कोई भी विवादित बयान देने से बचें। इसके अलावा, उन्होंने नसीहत दी कि अगर कोई मनमुटाव या बात है, तो उसे केवल पार्टी फोरम (party forum) पर ही रखें, सार्वजनिक न करें। उन्होंने उन सीटों पर खास फोकस (special focus on weak seats) करने को कहा है, जहां भाजपा पिछले चुनाव में बहुत कम अंतर से जीती थी। उत्तराखंड में वे सिर्फ नेताओं से नहीं, बल्कि संत समाज और प्रबुद्धजीवियों से भी फीडबैक (intellectual feedback) ले रहे हैं।
बंगाल से कर्नाटक तक ताबड़तोड़ बैठकें
पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजे आने के तुरंत बाद से ही नितिन नवीन एक्शन में हैं:
- बंगाल और असम: नतीजों के फौरन बाद नेताओं के साथ समीक्षा बैठक की।
- ओडिशा: भुवनेश्वर और पुरी के दौरे पर गए और कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर (booth level management) मजबूत करने का मंत्र दिया।
- कर्नाटक: बेंगलुरु पहुंचकर सीनियर नेताओं के साथ संगठन विस्तार पर लंबी चर्चा की।
4 राज्यों के बदले कप्तान, कैबिनेट में फेरबदल की तैयारी (Cabinet Reshuffle & NDA Meeting)
भाजपा संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर बड़े बदलाव (organizational changes) शुरू हो चुके हैं। इसी कड़ी में दिल्ली और पंजाब सहित चार राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है।
इस बीच, दिल्ली का सियासी पारा भी गर्म है। राज्यों के मुख्यमंत्रियों का लगातार दिल्ली आना-जाना लगा हुआ है। असल में 10 जून को दिल्ली में एनडीए (NDA Chief Ministers Meeting) के मुख्यमंत्रियों की एक हाई-प्रोफाइल बैठक बुलाई गई है। इस बैठक के ठीक बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल (Union Cabinet Reshuffle) में फेरबदल होना तय माना जा रहा है।
चूंकि केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली भाजपा का नया अध्यक्ष बनाया गया है, इसलिए ‘एक व्यक्ति एक पद’ (one person one post policy) के नियम के तहत कैबिनेट से उनकी छुट्टी तय मानी जा रही है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि इन बदलावों का सीधा असर आने वाले विधानसभा चुनावों (upcoming assembly elections) पर पड़ेगा।