Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से – धान के गोदामों में चूहे और तंत्र का सच

-सुभाष मिश्रकई बार मन में यह ख्याल आता है कि यदि चूहे नहीं होते, दीमक नहीं होती, सरकारी दफ्तरों में दैवीय प्रको...

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मनरेगा पर नया प्रयोग: ग्रामीण रोजग़ार, नीति और राजनीति

मनरेगा पर नया प्रयोग: ग्रामीण रोजग़ार, नीति और राजनीति

दिसंबर 2025 में संसद द्वारा वीबी-जी-राम-जी अधिनियम का पारित होना केवल एक नई ग्रामीण योजना की शुरुआत नहीं है, बल्कि यह भारत की सामाजिक नीति, संघीय ढांचे और राज...

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क्रिकेट के बहाने बंगाल में ‘नया खेला’ शाहरुख़ ख़ान, राष्ट्रवाद और चुनावी उन्माद

-सुभाष मिश्रभारत में जब भी चुनाव नज़दीक आते हैं, तब राजनीति अपने सबसे आसान औज़ार निकाल लेती है धर्म, राष्ट्रवाद...

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Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से – कर्ज में डूबे राज्य: विकास की सच्चाई और फ्रीबीज की राजनीति

-सुभाष मिश्रभारत को दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का श्रेय दिया जा रहा है और कहा जा रहा है कि 2030...

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 नए साल की दस्तक और हड़ताल की आहट

Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से – नए साल की दस्तक और हड़ताल की आहट

-सुभाष मिश्रनया साल आम तौर पर उम्मीदों, संकल्पों और नई शुरुआत का प्रतीक होता है। लेकिन छत्तीसगढ़ में 2026 का आग़ाज़ कर्मचारियों के लिए हड़ताल और टकराव के माहौ...

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Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से- शास्त्र की परंपरा, प्रवचन का उभार और राजनीति का प्रवेश

-सुभाष मिश्रभारतीय समाज की बुनियाद जिस बौद्धिक उदारता पर टिकी रही है, उसका सबसे जीवंत रूप शास्त्रार्थ की परंपरा...

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वेतनमान की दुहाई, बाज़ार की बन आई

Demand for pay scale : बाज़ार की बन आई

‘हमको मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिनदिल को खुश रखने के लिए ग़ालिब खय़ाल अच्छा है।’यह पंक्ति ...

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एप्स्टीन फाइल्स से टेलीग्राम चैनलों तक प्लेजर, सत्ता और निजता का टूटता घेरा

-सुभाष मिश्रअमेरिका में एप्स्टीन फाइल्स को सार्वजनिक किए जाने का फैसला केवल एक कानूनी घटना नहीं है, यह उस दुनिय...

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‘होमबाउंड’ के बहाने भारतीय सिनेमा की पड़ताल

-सुभाष मिश्रभारतीय सिनेमा आज दुनिया का सबसे बड़ा सिनेमा उद्योग है। संख्या के लिहाज़ से हम हॉलीवुड से कहीं आगे ह...

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सिर्फ 17,500 रुपये में मिलेगा 7 करोड़ का प्लॉट, 62 साल बाद हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला…

फरीदाबाद। दिल्ली से सटे हरियाणा के फरीदाबाद जिले में न्याय की एक मिसाल सामने आई है। 62 वर्षों तक चली कानूनी लड़ाई के बाद एक बुजुर्ग क...

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