• No categories
  • No categories

“साहित्य की महिला शक्ति: विश्व पुस्तक मेला 2026 में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व”

छत्तीसगढ़ का साहित्यिक इतिहास भाषा, संस्कृति और क्षेत्रीय अस्मिता को दर्शाता है, जिसमें लोकपरंपराओं और आधुनिक संवेदनाओं का सुंदर मिश्रण है, जो इसे एक समृद्ध औ...

Continue reading

महाराष्ट्र से बिहार तक : क्या बदलती भारतीय राजनीति का संकेत हैं ये चुनावी नतीजे

-सुभाष मिश्रमहाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों से लेकर बिहार विधानसभा चुनाव तक, एनडीए और भाजपा को मिली लगातार सफलत...

Continue reading

मूल्य की पत्रकारिता के पर्याय थे बबन प्रसाद मिश्र…

रायपुर । आज जब पत्रकारिता पूरी तरह बाजारवाद की चपेट में है और खबरों से ,समाचार से ज्यादा विज्ञापन को महत्व दी दिया जा रहा है तब एक स...

Continue reading

लाडली बहनों के लिए खुशखबरी: योजना का बजट बढ़ेगा, नए वित्तीय वर्ष में महिलाओं को कई मद में मिलेगी राशि

भोपाल। मध्यप्रदेश के लाडली बहनों के लिए खुशखबरी है। लाडली बहना योजना का बजट बढ़ेगा, नए वित्तीय वर्ष में महिलाओं को कई मद में राशि मिले...

Continue reading

ई-कॉमर्स वेयरहाउसों पर पुलिस की दबिश, धारदार चाकू जब्त, मैनेजरों को कड़ी हिदायत

बिलासपुर। न्यायधानी बिलासपुर में पुलिस ने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से ई-कॉमर्स कंपनियों के वेयरहाउसों पर एक साथ बड़ी ...

Continue reading

यूरोपीय संघ–भारत मुक्त व्यापार समझौता: वैश्विक व्यापार की बदलती धुरी

यूरोपीय संघ–भारत मुक्त व्यापार समझौता: वैश्विक व्यापार की बदलती धुरी

प्रभात दत्त झावैश्विक व्यापार जिस दौर से गुजर रहा है, उसमें मुक्त व्यापार समझौते केवल आर्थिक लाभ के दस्तावेज़ नहीं रह गए हैं, बल्कि वे भू-राजनीतिक प्राथमिकताओ...

Continue reading

क्या भ्रष्टाचार पर अंकुश संभव है?

Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से: क्या भ्रष्टाचार पर अंकुश संभव है?

-सुभाष मिश्रभारत में भ्रष्टाचार अब केवल नैतिक पतन या व्यक्तिगत लालच का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह एक संस्थागत संकट का रूप ले चुका है। सुप्रीम कोर्ट का भ्र...

Continue reading

Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से: अश्लीलता का कारोबार- किसी की मजबूरी, किसी का मनोरंजन

Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से: अश्लीलता का कारोबार- किसी की मजबूरी, किसी का मनोरंजन

समाज में धीरे-धीरे अश्लीलता की स्वीकारिता बढ़ती जा रही है। एक ओर जब हिजाब की बात हो रही हो, लड़कियों के पहनावे, जीवनशैली पर सवाल उठ रहे हैं, वही दूसरी तरह स्ट...

Continue reading