कोलकाता।
पश्चिम बंगाल चुनाव में मिली करारी शिकस्त के बाद तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने पार्टी के भीतर ही तोड़फोड़ के गंभीर आरोप लगाए हैं। बुधवार को नवनिर्वाचित विधायकों के साथ हुई बैठक में ममता ने साफ किया कि हार की मुख्य वजह पार्टी के ही कुछ लोगों द्वारा किया गया विश्वासघात है। इसकी जांच के लिए डेरेक ओ ब्रायन और फिरहाद हकीम जैसे वरिष्ठ नेताओं की एक अनुशासन समिति बनाई गई है। ममता ने चेतावनी दी कि नेतृत्व के खिलाफ किसी भी तरह का विद्रोह अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ममता बनर्जी ने चुनाव परिणामों को स्वीकार करने के बावजूद इस्तीफा न देने का निर्णय लिया है और इसे चुनावी प्रक्रिया के खिलाफ विरोध बताया है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव में धांधली हुई है और उनके पास इसे अदालत में चुनौती देने के लिए पर्याप्त सबूत हैं। ममता ने सभी विधायकों को विधानसभा के पहले दिन काले कपड़े पहनकर आने का निर्देश दिया है। उन्होंने भाजपा पर हिंसा फैलाने और टीएमसी कार्यालयों को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया। 9 मई को जिस दिन नया मुख्यमंत्री शपथ लेगा, ममता बनर्जी ने कार्यकर्ताओं से रवींद्र जयंती मनाने और विरोध प्रदर्शन जारी रखने की अपील की है।