छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी के बीच मौसम के बदलते मिजाज ने लोगों को राहत दी है। पिछले 24 घंटों के दौरान राजनांदगांव को छोड़कर प्रदेश के लगभग सभी हिस्सों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। गुरुवार को गरियाबंद और चरमा जैसे क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा हुई, जिससे वातावरण में ठंडक घुली है। हालांकि, राजनांदगांव 41 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म इलाका बना रहा। मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में सक्रिय तीन चक्रवाती परिसंचरण और एक द्रोणिका के प्रभाव से आने वाले पांच दिनों तक प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
मौसम विभाग ने शुक्रवार सुबह प्रदेश के 20 से अधिक जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। इसमें बस्तर, सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, धमतरी, राजनांदगांव, बिलासपुर और सरगुजा संभाग के जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली गिरने और हल्की से मध्यम वर्षा होने का अनुमान है। राजधानी रायपुर में भी आज आंशिक रूप से बादल छाए रहने और अंधड़ के साथ बारिश के आसार जताए गए हैं। रायपुर का अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है।
मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा के मुताबिक, दक्षिण मध्य प्रदेश, ओडिशा और पूर्वी बिहार के ऊपर बने चक्रवाती सिस्टम के कारण छत्तीसगढ़ में नमी आ रही है। एक द्रोणिका दक्षिण मध्य प्रदेश से झारखंड तक छत्तीसगढ़ होकर गुजर रही है, जिससे राज्य के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में मौसम अधिक सक्रिय है। हालांकि, अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस तक की क्रमिक बढ़ोतरी भी देखी जा सकती है, लेकिन बारिश और बादलों की मौजूदगी से फिलहाल झुलसाने वाली लू से राहत बनी रहेगी। प्रशासन ने खराब मौसम के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।