बिलासपुर
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिला न्यायालय ने अपनी ही मां की नृशंस हत्या करने वाले आरोपी बेटे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला बेलगहना चौकी क्षेत्र के ग्राम सक्तीबहरा का है, जहां तीन साल पहले आरोपी शनि कोल ने चरित्र शंका के चलते अपनी मां सुमन बाई की जान ले ली थी। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी पर अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना 13 नवंबर 2023 की रात की है। आरोपी शनि कोल ने विवाद के दौरान लकड़ी के बैट और डंडे से अपनी मां पर जानलेवा हमला किया था। इस हमले में बीच-बचाव करने आए सुभाष कोल पर भी आरोपी ने घातक वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। घायल मां को उपचार के लिए सिम्स अस्पताल बिलासपुर में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मौके से हत्या में इस्तेमाल किया गया लकड़ी का बैट और टूटा हुआ डंडा बरामद किया था।
एकादश अपर सत्र न्यायाधीश विजेंद्र सोनवानी की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए गवाहों और सबूतों के आधार पर शनि कोल को दोषी करार दिया। न्यायालय ने आरोपी को धारा 302 (हत्या) के तहत आजीवन कारावास और 1000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके साथ ही, अन्य व्यक्ति पर जानलेवा हमला करने के जुर्म में धारा 307 के तहत 10 वर्ष का सश्रम कारावास और 1000 रुपये जुर्माने की सजा भी दी गई है। शासन की ओर से इस मामले में अतिरिक्त लोक अभियोजक विजेंद्र तिवारी ने पैरवी की। इस फैसले ने समाज में यह संदेश दिया है कि जघन्य अपराध करने वालों के लिए कानून में कोई नरमी नहीं है।