18 अक्टूबर को धनतेरस मनाया जाएगा। इस वर्ष प्रात:कालीन द्वादशी और दोपहर 12.19 बजे से त्रयोदशी होने के कारण सायंकालीन प्रदोष के समय धनतेरस का पर्व मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्य डॉ. दत्तात्रेय होस्केरे के अनुसार ब्रह्म योग, शुक्र प्रधान पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र दोपहर 3.41 बजे तक है, तत्पश्चात उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र रहेगा। भौमादित्य योग, बुधादित्य योग और गजलक्ष्मी योग बनने से यह धनतेरस अत्यंत शुभ माना गया है। गुरु के उच्च की स्थिति से यह योग और अधिक लाभकारी बन गया है, जो लगभग 100 वर्षों में बन रहा है।
लग्न के अनुसार खरीददारी के शुभ समय
वृश्चिक लग्न: प्रात: 8.12 बजे से 10.38 बजे तक
इस समय देव प्रतिमा, हीरा, स्वर्ण आभूषण, किचन का सामान, मशीन, वाहन और औजार आदि खरीदना शुभ है।
कुम्भ लग्न: मध्याह्न 2.21 बजे से सायं 3.56 बजे तक
हीरा, स्वर्ण आभूषण, मशीन, वाहन और औजार की खरीदारी के लिए यह समय उत्तम है।
वृषभ लग्न: सायंकाल 7.10 बजे से रात्रि 9.09 बजे तक
चाँदी, किचन के आइटम, मशीन, हीरा, स्वर्ण आभूषण, जमीन या भवन की बुकिंग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम खरीदने का उत्तम मुहूर्त है।