छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले में प्रशासनिक कसावट लाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह ने बड़ा फेरबदल करते हुए थोक में तबादला आदेश जारी किया है। इस बड़ी कार्रवाई के तहत जिले के विभिन्न थानों और चौकियों में तैनात सहायक उप निरीक्षकों से लेकर आरक्षकों तक की जिम्मेदारी बदल दी गई है। एसपी द्वारा जारी इस सूची ने पुलिस महकमे के भीतर खलबली मचा दी है क्योंकि लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे जवानों को अब नई चुनौतियों और नए क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देनी होंगी। विभाग का मानना है कि इस स्थानांतरण से फील्ड स्तर पर कार्यप्रणाली में तेजी आएगी और अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी।
तबादले की मार से सिपाही से लेकर एएसआई तक प्रभावित
पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह के हस्ताक्षर से जारी इस विभागीय आदेश की चपेट में कुल 69 पुलिसकर्मी आए हैं। तबादला सूची का विस्तार इतना बड़ा है कि इसमें 4 सहायक उप निरीक्षक, 13 प्रधान आरक्षक और रिकॉर्ड 52 आरक्षकों के नाम शामिल हैं। पुलिस मुख्यालय से लेकर सुदूर थानों तक इस फेरबदल का असर देखा जा रहा है। प्रशासनिक दृष्टि से किए गए इस बदलाव को जिले की कानून व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त करने की कवायद माना जा रहा है। सभी प्रभावित पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से अपने नए पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जनहित के कार्यों में किसी भी तरह की देरी न हो।
कानून व्यवस्था सुधारने के लिए एसपी का कड़ा रुख
एमसीबी जिले में अपराधों पर लगाम लगाने और पुलिसिंग को नई ऊर्जा देने के लिए एसपी रत्ना सिंह ने यह सख्त कदम उठाया है। अक्सर यह देखा जाता है कि एक ही स्थान पर लंबे समय तक पदस्थापना से कार्यक्षमता प्रभावित होती है जिसे देखते हुए यह व्यापक सूची तैयार की गई है। इस आदेश के बाद अब थानों की आंतरिक संरचना में भी बदलाव आएगा जिससे स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र और गश्त व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी प्रदर्शन और प्रशासनिक आवश्यकताओं के आधार पर इस तरह के बदलाव जारी रह सकते हैं ताकि जनता का पुलिस पर भरोसा बना रहे।

