रायपुर। छत्तीसगढ़ में आसमान से बरसती आग और भीषण गर्मी के बीच साय सरकार ने प्रदेश के लाखों बच्चों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा और संवेदनशील कदम उठाया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के सख्त निर्देश के बाद विभाग ने आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन समय में तत्काल प्रभाव से बदलाव कर दिया है। लगातार बढ़ते तापमान और लू के खतरों को देखते हुए केंद्रों के संचालन की अवधि को 6 घंटे से घटाकर अब केवल 4 घंटे कर दिया गया है। सरकारी आदेश के मुताबिक 1 अप्रैल से 30 जून 2026 तक सभी केंद्र सुबह 7:00 बजे से 11:00 बजे तक ही संचालित होंगे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बच्चों की उपस्थिति के समय को और भी सीमित करते हुए सुबह 7:00 से 9:00 बजे तक तय किया गया है ताकि उन्हें चिलचिलाती धूप में घर से बाहर न रहना पड़े।
समय बदला पर पोषण और शिक्षा में नहीं होगी कोई कटौती
शासन ने स्पष्ट कर दिया है कि समय कम होने के बावजूद बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। निर्धारित सुबह की शिफ्ट में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख और शिक्षा गतिविधियों के साथ-साथ पूरक पोषण आहार का वितरण पूरी नियमितता के साथ सुनिश्चित किया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं बच्चों के जाने के बाद सुबह 11:00 बजे तक अपने अन्य विभागीय कार्यों का निष्पादन करेंगी। इसमें विशेष रूप से गृहभेंट के माध्यम से माताओं को पोषण परामर्श देने की सेवा को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया है ताकि केंद्रों के बंद होने के बाद भी बच्चों की देखभाल घर पर सही तरीके से हो सके।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई और जिला स्तर पर होगी निगरानी
बच्चों की सुरक्षा को लेकर विभाग ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है और जिला अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि भीषण गर्मी के बीच बच्चों को सुरक्षित घर पहुंचाने की जिम्मेदारी का सख्ती से पालन हो। आदेश के अनुसार किसी भी स्तर पर होने वाली लापरवाही के लिए जवाबदेही तय की जाएगी और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। सभी जिला अधिकारियों को इन नई व्यवस्थाओं की सतत निगरानी और नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जमीनी स्तर पर शासन की मंशा के अनुरूप काम हो सके। ग्रीष्मकाल समाप्त होने के बाद 1 जुलाई से सभी आंगनबाड़ी केंद्र फिर से अपने सामान्य समय यानी सुबह 9:30 से दोपहर 3:30 बजे तक संचालित किए जाएंगे।