आम आदमी पार्टी के भीतर चल रही सियासी खींचतान ने आज उस वक्त बड़ा मोड़ ले लिया जब पार्टी के सबसे चर्चित चेहरे राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस्तीफे का ऐलान कर दिया। रायपुर से लेकर दिल्ली के गलियारों तक इस खबर ने हड़कंप मचा दिया है क्योंकि राघव ने सीधे तौर पर पार्टी नेतृत्व को कटघरे में खड़ा कर दिया है। दरअसल राघव का कहना है कि जिस पार्टी को उन्होंने अपने खून-पसीने से सींचा था वह अब अपने बुनियादी उसूलों से पूरी तरह भटक गई है।
राज्यसभा में बड़ी टूट और बीजेपी के साथ नई पारी
राघव चड्ढा ने केवल इस्तीफा ही नहीं दिया बल्कि राज्यसभा में आम आदमी पार्टी की कमर तोड़ दी है। उन्होंने दावा किया है कि राज्यसभा के दो-तिहाई से ज्यादा सांसद उनके साथ हैं और इन सभी ने बीजेपी में विलय के दस्तावेजों पर दस्तखत कर दिए हैं। गौरतलब है कि राज्यसभा में पार्टी के कुल 10 सांसद हैं जिनमें से हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, राजेंद्र गुप्ता, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी और अशोक मित्तल जैसे दिग्गजों ने राघव का हाथ थाम लिया है। अब ये सभी नेता बीजेपी के प्रदेश चुनाव प्रभारी नितिन नवीन से मुलाकात कर औपचारिक रूप से भगवा चोला पहनेंगे।
घुटन और सिद्धांतों की दुहाई देकर छोड़ा साथ
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राघव चड्ढा बेहद हमलावर नजर आए और उन्होंने खुद को गलत पार्टी में सही आदमी करार दिया। उनका कहना है कि पार्टी अब देश हित के बजाय निजी फायदों के लिए काम कर रही है जिसके चलते वहां काम करना अब मुमकिन नहीं रह गया था। संदीप पाठक ने भी राघव के सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि वे संविधान के प्रावधानों का इस्तेमाल कर सदन में बीजेपी का हिस्सा बनेंगे। मैदानी सूत्रों का कहना है कि इस टूट के बाद अब संसद के भीतर भी समीकरण पूरी तरह बदल जाएंगे क्योंकि पार्टी के मजबूत स्तंभ अब प्रधानमंत्री के नेतृत्व में काम करने का मन बना चुके हैं।