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क्या भ्रष्टाचार पर अंकुश संभव है?

Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से: क्या भ्रष्टाचार पर अंकुश संभव है?

-सुभाष मिश्रभारत में भ्रष्टाचार अब केवल नैतिक पतन या व्यक्तिगत लालच का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह एक संस्थागत संकट का रूप ले चुका है। सुप्रीम कोर्ट का भ्र...

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नई जनरेशन की नई चाहत-ना शादी, ना बच्चा

Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से: नई जनरेशन की नई चाहत-ना शादी, ना बच्चा

-सुभाष मिश्रनई जनरेशन की शादी की कोई जल्दी नहीं है। यदि शादी हो भी जाए, तो बच्चा जल्दी नहीं चाहिए। देश में पहले नारा था— दो या तीन बस, फिर समय के साथ नारा बदल...

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वेतनमान की दुहाई, बाज़ार की बन आई

Demand for pay scale : बाज़ार की बन आई

‘हमको मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिनदिल को खुश रखने के लिए ग़ालिब खय़ाल अच्छा है।’यह पंक्ति ...

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बीजेपी की राजनीति: ‘सरप्राइज़ फ़ैक्टर’, नितिन नवीन और जेनरेशन शिफ्ट की रणनीति

Politics of BJP: ‘सरप्राइज़ फ़ैक्टर’, नितिन नवीन और जेनरेशन शिफ्ट की रणनीति

भाजपा की कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नितिन नवीन की नियुक्ति ने सभी को चौंकाया है। अब सवाल यह है कि नितिन नवीन को जो की 45 साल के हैं दुनिया की सबसे बड़ी पार्...

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वंदे मातरम के 150 वर्ष और राजनीतिक तापमान

Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से –वंदे मातरम के 150 वर्ष और राजनीतिक तापमान

-सुभाष मिश्रजब राष्ट्रीय गीत बहस का केंद्र बन जाए, तो समझना चाहिए कि राजनीति इतिहास से भी लुभावनी कथा गढ़ लेती है। लोकसभा में ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे हो...

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धर्म की ध्वजा कहां और कब फहराई जा सकेगी

धर्म की ध्वजा कहां और कब फहराई जा सकेगी

छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ वर्षों से धर्मांतरण को लेकर बहस तेज हुई है। कई जगह तनाव की घटनाएँ सामने आईं—रायपुर के कोटा क्षेत्र में प्रार्थना सभा को धर्मांतरण का प...

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