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विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा: संकेत, संकल्प और बजट की कसौटी

विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा: संकेत, संकल्प और बजट की कसौटी

सुभाष मिश्रछत्तीसगढ़ विधानसभा के अष्टम सत्र में राज्यपाल रमेन डेका के अभिभाषण, आर्थिक सर्वेक्षण और आगामी बजट की तैयारियों ने राज्य की विकास यात्रा की एक स्पष्...

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WhatsApp का ‘ग्रुप मैसेज हिस्ट्री’ फीचर: अब नए मेंबर्स के लिए आसान होगी पुरानी बातें समझना, जानें कैसे उठाएं लाभ

नई दिल्ली। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप (WhatsApp) ने ग्रुप चैटिंग के अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए एक शानदार फीचर पेश किया है। अब ग्रुप में शामिल होने व...

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सरकार की प्राथमिकता में बस्तर

सरकार की प्राथमिकता में बस्तर

-सुभाष मिश्रकेंद्र में भाजपा सरकार हो या छत्तीसगढ़ में, इन दिनों यदि किसी एक भू-भाग पर सबसे अधिक राजनीतिक, प्रशासनिक और सुरक्षा स्तर की गतिविधियाँ केंद्रित दि...

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यह मत कहो कि बादलों में कोहरा घना है

यह मत कहो कि बादलों में कोहरा घना है

-सुभाष मिश्रसोशल मीडिया, सत्ता की असहजता और निजता पर सुप्रीम कोर्ट की दो टूकदुष्यंत कुमार का शेर है—‘यह मत कहो कि बादलों में कोहरा घना है,यह किसी की व्यक्तिगत...

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खेल के मैदान में सत्ता की सियासत

खेल के मैदान में सत्ता की सियासत

-सुभाष मिश्रदरअसल, खेल को राजनीति से अलग रखने की बात जितनी बार दोहराई जाती है, उतनी ही बार वह झूठ साबित होती है। ओलंपिक से लेकर विश्व कप तक, हर बड़ा खेल आयोजन...

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क्या सुरक्षित हैं आपकी WhatsApp चैट्स? प्राइवेसी के दावों पर मुकदमा दर्ज, जानें पूरा मामला

वॉशिंगटन। दुनिया के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप WhatsApp की प्राइवेसी और इसके 'एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन' के दावों पर अब कानूनी संकट मंडरा रहा है। अमेरिका में मेटा...

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खान-पान, आस्था और क़ानून के बीच संतुलन की ज़रूरत

खान-पान, आस्था और क़ानून के बीच संतुलन की ज़रूरत

हिंदुस्तानी समाज की सबसे बड़ी पहचान उसकी बहुलता रही है—भाषा, पहनावा, आस्था और खान-पान, सबमें विविधता। समुद्र किनारे बसे समाजों के लिए मछली जीवन का स्वाभाविक ह...

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क्या भ्रष्टाचार पर अंकुश संभव है?

Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से: क्या भ्रष्टाचार पर अंकुश संभव है?

-सुभाष मिश्रभारत में भ्रष्टाचार अब केवल नैतिक पतन या व्यक्तिगत लालच का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह एक संस्थागत संकट का रूप ले चुका है। सुप्रीम कोर्ट का भ्र...

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नई जनरेशन की नई चाहत-ना शादी, ना बच्चा

Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से: नई जनरेशन की नई चाहत-ना शादी, ना बच्चा

-सुभाष मिश्रनई जनरेशन की शादी की कोई जल्दी नहीं है। यदि शादी हो भी जाए, तो बच्चा जल्दी नहीं चाहिए। देश में पहले नारा था— दो या तीन बस, फिर समय के साथ नारा बदल...

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देर आयद, दुरूस्त आयद- महंगाई भत्ता बढ़ोतरी से फौरी राहत

देर आयद, दुरूस्त आयद- महंगाई भत्ता बढ़ोतरी से फौरी राहत

छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने कर्मचारियों के लिए तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता स्वीकृत करके देर से ही सही थोड़ी राहत तो दी है। अगर यह रहात 15 दिन पहले घोषित...

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