Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से- शास्त्र की परंपरा, प्रवचन का उभार और राजनीति का प्रवेश

-सुभाष मिश्रभारतीय समाज की बुनियाद जिस बौद्धिक उदारता पर टिकी रही है, उसका सबसे जीवंत रूप शास्त्रार्थ की परंपरा...

Continue reading

वेतनमान की दुहाई, बाज़ार की बन आई

Demand for pay scale : बाज़ार की बन आई

‘हमको मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिनदिल को खुश रखने के लिए ग़ालिब खय़ाल अच्छा है।’यह पंक्ति ...

Continue reading

एप्स्टीन फाइल्स से टेलीग्राम चैनलों तक प्लेजर, सत्ता और निजता का टूटता घेरा

-सुभाष मिश्रअमेरिका में एप्स्टीन फाइल्स को सार्वजनिक किए जाने का फैसला केवल एक कानूनी घटना नहीं है, यह उस दुनिय...

Continue reading

‘होमबाउंड’ के बहाने भारतीय सिनेमा की पड़ताल

-सुभाष मिश्रभारतीय सिनेमा आज दुनिया का सबसे बड़ा सिनेमा उद्योग है। संख्या के लिहाज़ से हम हॉलीवुड से कहीं आगे ह...

Continue reading

बीजेपी की राजनीति: ‘सरप्राइज़ फ़ैक्टर’, नितिन नवीन और जेनरेशन शिफ्ट की रणनीति

Politics of BJP: ‘सरप्राइज़ फ़ैक्टर’, नितिन नवीन और जेनरेशन शिफ्ट की रणनीति

भाजपा की कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नितिन नवीन की नियुक्ति ने सभी को चौंकाया है। अब सवाल यह है कि नितिन नवीन को जो की 45 साल के हैं दुनिया की सबसे बड़ी पार्...

Continue reading

सरकारें तीन, साल दो: मोदी की गारंटी और भाजपा शासित राज्यों का द्विवार्षिक मूल्यांकन

-सुभाष मिश्रदिसंबर 2023 में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भाजपा ने सत्ता में वापसी या नए सिरे से प्रवे...

Continue reading

Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से- बंगाल की जमीन फिर तप रही है — आस्था, राजनीति और ध्रुवीकरण की बढ़ती आँच

-सुभाष मिश्रपश्चिम बंगाल अगले वर्ष विधानसभा चुनाव की ओर बढ़ रहा है और इसी के साथ राज्य की राजनीतिक धरती एक बार ...

Continue reading

वंदे मातरम के 150 वर्ष और राजनीतिक तापमान

Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से –वंदे मातरम के 150 वर्ष और राजनीतिक तापमान

-सुभाष मिश्रजब राष्ट्रीय गीत बहस का केंद्र बन जाए, तो समझना चाहिए कि राजनीति इतिहास से भी लुभावनी कथा गढ़ लेती है। लोकसभा में ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे हो...

Continue reading

राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला…दो बालिग साथ रह सकते हैं लिव-इन रिलेशन में…उम्र की आपत्ति, कोर्ट ने किया खारिज

Continue reading

Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से- AI: अपमान का नया औज़ार

-सुभाष मिश्रएआई यानी आर्टिफि़शियल इंटेलिजेंस आज मानव क्षमता का विस्तारशील इंजन है—विश्लेषण, भाषा, शोध, सुरक्षा,...

Continue reading