-सुभाष मिश्रविवाह भारतीय समाज में कभी केवल दो व्यक्तियों के बीच का निजी संबंध नहीं रहा। यह एक संस्कार था—जहां परिवार, समाज और धर्म साझी भूमिका निभाते थे। अग्न...
-सुभाष मिश्रजब राष्ट्रीय गीत बहस का केंद्र बन जाए, तो समझना चाहिए कि राजनीति इतिहास से भी लुभावनी कथा गढ़ लेती है। लोकसभा में ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे हो...