• No categories
  • No categories

अटल के आईने में आज की भाजपा, अटल से मोदी तक

सुभाष मिश्रभारतीय राजनीति में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जो अपने समय से आग...

Continue reading

वेतनमान की दुहाई, बाज़ार की बन आई

Demand for pay scale : बाज़ार की बन आई

‘हमको मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिनदिल को खुश रखने के लिए ग़ालिब खय़ाल अच्छा है।’यह पंक्ति ...

Continue reading

श्रम संहिताओं पर जागरूकता को लेकर पीआईबी ने की प्रेस कांफ्रेंस…

रायपुर । भारत सरकार द्वारा लागू की जा रही श्रम सुधार योजनाओं और श्रम संहिताओं की जानकारी श्रमिकों, नियोक्ताओं और आमजन तक प्रभावी ढंग से ...

Continue reading

Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से – बैटल ऑफ़ बंगाल: सच के इर्द-गिर्द रची जा रही राजनीति

-सुभाष मिश्रकबीर ने चेताया था-मैं कहता अखंड देखी, तू कहता कागज़़ की लेखी।सच कहूँ तो मरन दावे, झूठे जग बौराना।आज ...

Continue reading

Editor-in-Chief सुभाष मिश्र की कलम से – प्रदूषण की मार, दिल्ली बीमार

-सुभाष मिश्रएक समय था जब कोरोना महामारी के दिनों में मास्क डर की पहचान बन गया था। हर व्यक्ति के चेहरे पर मास्क ...

Continue reading

जेफ्री एपस्टीन: सेक्स, सत्ता और ब्लैकमेलिंग – दशकों से दुनिया को कंट्रोल करने का सबसे खतरनाक हथियार…

डेस्क। दुनिया की राजनीति, कॉरपोरेट ताकत और ग्लैमर इंडस्ट्री के पीछे एक स्याह सच्चाई लंबे समय से छिपी रही है ब्लैकमेलिंग का सबसे प्रभावी ...

Continue reading

सुखी कहानी का शेष भाग …. स्त्री संवाद

मनीषा तिवारीमैंने अपने मालिकाना हक़ को जमाये रखने की कोशिश में फिर से अपने कमरे को निहारा और पाया कि मेरे घर की...

Continue reading