मुहूर्त, बाज़ार और विस्तारित होते त्यौहार

-सुभाष मिश्रमुहूर्त, बाज़ार और विस्तारित होते त्यौहार पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता इसलिए भी है क्योंकि ...

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जंग की आग और जनभावना का ज्वार

-सुभाष मिश्रमिडिल ईस्ट की जंग अब केवल मिसाइलों और ड्रोन की लड़ाई नहीं रह गई है, यह जनभावनाओं की भी जंग बन चुकी है। अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद जिस तर...

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ईरान-इजरायल युद्ध और विश्व व्यवस्था की परीक्षा

-सुभाष मिश्रमिडिल ईस्ट एक बार फिर बारूद के ढेर पर बैठा है और इस बार स्थिति सामान्य सीमा से कहीं आगे निकलती दिखा...

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