भोपाल: मध्यप्रदेश में एलपीजी गैस सिलेंडर की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने प्रदेश स्तर पर बड़ी कार्रवाई की है। आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत की गई इस कार्रवाई में अब तक 2840 स्थानों पर सघन जांच की गई, जिसके परिणामस्वरूप 3691 अवैध गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं। इस पूरे अभियान के दौरान अनियमितता पाए जाने पर 11 प्रकरणों में एफआईआर भी दर्ज की गई है। इसके साथ ही प्रदेश के 734 पेट्रोल पंपों की भी जांच की गई, जिसमें एक मामले में एफआईआर दर्ज हुई है।
विभाग ने एलपीजी के दुरुपयोग को रोकने और स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिन क्षेत्रों में पीएनजी की पाइपलाइन उपलब्ध है, वहां के घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को तत्काल कनेक्शन लेने की सलाह दी गई है। निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि पाइपलाइन के पास स्थित जो उपभोक्ता अगले तीन माह के भीतर पीएनजी कनेक्शन प्राप्त नहीं करेंगे, उनकी एलपीजी सप्लाई बंद की जा सकती है। सीजीडी संस्थाओं को आदेश दिया गया है कि आवेदन मिलने के 24 घंटे के भीतर पाइपलाइन बिछाने के लिए आवश्यक स्वीकृतियां जारी की जाएं।
प्राथमिकता के आधार पर गृह विभाग के अधीन आने वाले संस्थानों, पुलिस और डिफेंस कॉलोनियों, शासकीय कार्यालयों और औद्योगिक क्षेत्रों को तत्काल पीएनजी पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। औद्योगिक इकाइयों की पहचान कर उन्हें प्राकृतिक गैस अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विभिन्न शहरों की गैस प्रदाता संस्थाओं ने अपने हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम नंबर भी जारी किए हैं।
अवंतिका गैस लिमिटेड ने इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर के लिए, गैल गैस लिमिटेड ने देवास, रायसेन और सीहोर के लिए, जबकि थिंक गैस ने भोपाल और राजगढ़ जैसे क्षेत्रों के लिए संपर्क नंबर उपलब्ध कराए हैं। इसके अलावा धार, गुना, रीवा, सतना और रतलाम जैसे शहरों के लिए भी संबंधित कंपनियों के नंबर जारी किए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पाइपलाइन के समीप स्थित सभी पात्र उपभोक्ता जल्द से जल्द आवेदन कर इस सुविधा का लाभ उठाएं।