राजकुमार माल, भाटापारा। विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत चौरेंगा में मनरेगा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पंचायतों को अधिक अधिकार देने, मनरेगा योजना और रोजगार गारंटी कानून को लेकर चर्चा हुई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।
कार्यक्रम में सुनील पवार, राजकमल सिंघानिया, पूर्व जिला पंचायत सदस्य परमेश्वर यदु और रमेश धृतलहरे सहित कई नेता मौजूद रहे। सरपंच विलियम धृतलहरे ने अतिथियों का स्वागत किया।
सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि पंचायत राज व्यवस्था को मजबूत बनाने में महात्मा गांधी और कांग्रेस पार्टी का बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पंचायतों को अधिकार देने और ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए मनरेगा कानून बनाया था। इससे गांवों में रोजगार के नए अवसर मिले थे।
कार्यक्रम में केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए वक्ताओं ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार मनरेगा कानून में बदलाव कर ग्रामीणों के रोजगार अधिकार को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले की तुलना में अब नियमित रोजगार नहीं मिल रहा है और मजदूरी भुगतान में भी लगातार देरी हो रही है।
परिचर्चा के दौरान ग्रामीण महिलाओं ने भी अपनी समस्याएं खुलकर रखीं। महिलाओं ने बताया कि मनरेगा के तहत काम कम मिल रहा है और समय पर भुगतान नहीं होने से परिवार चलाने में परेशानी हो रही है। उन्होंने योजना में कई खामियों की ओर ध्यान दिलाते हुए नाराजगी जताई।
कार्यक्रम में संतोष सोनी, अजीत बाजपेयी, अरुण यादव, सचिन शर्मा, अय्यूब बाठिया, पुनीत मानिकपुरी और ओमप्रकाश यदु सहित कांग्रेस संगठन के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। नेताओं ने ग्रामीणों को पंचायत स्तर पर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की अपील भी की।