मध्य प्रदेश के स्कूलों से हटाए गए अतिथि स्पेशल एजुकेटर: विभाग ने जारी किया नया आदेश, 31 मार्च तक ही ली जाएंगी सेवाएं

भोपाल: मध्य प्रदेश के शिक्षा विभाग से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य के हायर सेकेंडरी स्कूलों में अतिथि शिक्षक के तौर पर सेवाएं दे रहे हजारों स्पेशल एजुकेटर्स को हटाने का फैसला लिया गया है। विभाग द्वारा जारी नए आदेश के मुताबिक, अब इन शिक्षकों की सेवाएं केवल 31 मार्च तक ही ली जा सकेंगी।

क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला? दरअसल, मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग की ओर से जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि समग्र शिक्षा अभियान की आगामी स्वीकृति के संबंध में भारत सरकार से फिलहाल कोई नए दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। इसी तकनीकी कारण और स्वीकृति के अभाव में विभाग ने अतिथि स्पेशल एजुकेटर्स की सेवाओं को आगे न बढ़ाने का निर्णय लिया है। बता दें कि ये शिक्षक प्रदेश के सरकारी स्कूलों में दिव्यांग बच्चों को शिक्षा देने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे थे।

पुराना आदेश हुआ निरस्त गौरतलब है कि इससे पहले विभाग ने एक आदेश जारी किया था, जिसमें स्पेशल एजुकेटर्स की सेवाएं 30 अप्रैल 2026 तक लेने की बात कही गई थी। लेकिन अब नए घटनाक्रम के बाद उस पुराने आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। विभाग ने सख्त लहजे में कहा है कि अब इन शिक्षकों की सेवाएं केवल चालू महीने के अंत यानी 31 मार्च तक ही मान्य होंगी।

अधिकारियों को दी गई सख्त चेतावनी शिक्षा विभाग ने इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्राचार्यों को भी कड़े निर्देश जारी किए हैं। आदेश में साफ कहा गया है कि यदि 31 मार्च के बाद भी किसी स्कूल में कोई स्पेशल एजुकेटर पदस्थ पाया जाता है या उसकी सेवाएं ली जाती हैं, तो इसके लिए संबंधित संस्था प्राचार्य और जिला शिक्षा अधिकारी सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे। इस फैसले से प्रदेश के हजारों अतिथि शिक्षकों के भविष्य पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।

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