Raipur Health News: छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने प्रदेश के लाखों शासकीय सेवकों (Government Employees) को बड़ी राहत दी है। सरकार ने कर्मचारियों और उनके आश्रितों के बेहतर इलाज के लिए निजी अस्पतालों की मान्यता बढ़ा दी है। अब कर्मचारी राज्य के भीतर और बाहर के नामी निजी अस्पतालों में कैशलेस और रियायती दरों पर अपना इलाज करा सकेंगे।
2027 तक मिलेगी सुविधा
राज्य शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह नई सुविधा 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगी। इसका मतलब है कि अगले तीन सालों तक कर्मचारियों को इलाज के खर्च की चिंता नहीं करनी होगी। इस फैसले से प्रदेश के करीब 5 लाख से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को सीधा फायदा पहुंचेगा।
लिस्ट में देश के बड़े अस्पताल शामिल
इस नई सूची की सबसे खास बात यह है कि इसमें केवल छत्तीसगढ़ के ही नहीं, बल्कि राज्य के बाहर के भी कई बड़े और सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों को जोड़ा गया है। अगर किसी कर्मचारी को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली, मुंबई या हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में जाना पड़ता है, तो वहां भी वे इन चिन्हित अस्पतालों में अपनी सुविधा का लाभ ले सकेंगे। इसमें हार्ट, किडनी, कैंसर और न्यूरो जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज शामिल है।
कैशलेस इलाज की राह हुई आसान
अब तक कई बार अस्पतालों की मान्यता खत्म होने या रिन्यू न होने के कारण कर्मचारियों को कैशलेस इलाज मिलने में दिक्कत आती थी। लेकिन अब नई लिस्ट जारी होने से स्थिति साफ हो गई है। कर्मचारियों को बस अपना विभागीय पहचान पत्र या जरूरी दस्तावेज दिखाने होंगे और वे इलाज की सुविधा पा सकेंगे।
लोकल रिपोर्टर की नजर में:
सरकार का यह कदम चुनाव के बाद कर्मचारियों को साधने की दिशा में बड़ा फैसला माना जा रहा है। लंबे समय से कर्मचारी संगठन इसकी मांग कर रहे थे। अस्पतालों की संख्या बढ़ने से अब बड़े शहरों के चक्कर काटने की मजबूरी कम होगी और छोटे शहरों के कर्मचारियों को भी पास के बड़े सेंटर में इलाज मिल सकेगा।
अगर आप भी सरकारी कर्मचारी हैं, तो अपने विभाग से अस्पतालों की पूरी सूची जरूर चेक कर लें ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत सही अस्पताल पहुंचा जा सके।