गोरखपुर: कुछ शादियां सिर्फ दो दिलों का मिलन नहीं होतीं, बल्कि समाज के लिए मोहब्बत और जिम्मेदारी की एक अनोखी मिसाल बन जाती हैं। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है गोरखपुर के रहने वाले सनी यादव ने, जिन्होंने अपनी दुल्हन को जिंदगी के सबसे मुश्किल वक्त में वो सम्मान दिया, जिसकी चर्चा आज हर तरफ हो रही है।
शादी के दिन ही था LLB का पेपर गोरखपुर की रहने वाली पूजा की शादी 13 मई को तय हुई थी। पूरा घर शहनाइयों की गूंज और शादी की तैयारियों में डूबा था। इसी बीच एक संयोग यह हुआ कि ठीक शादी वाले दिन ही पूजा की एलएलबी (LLB) अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा भी पड़ गई। दुल्हन बनने का सपना आंखों में सजाए पूजा अपने भाई के साथ बाइक पर बैठकर पेपर देने गई। परीक्षा खत्म होने के बाद वह घर लौट रही थी, तभी रास्ते में अचानक बाइक फिसल गई। इस हादसे में पूजा सड़क पर गिरकर बुरी तरह जख्मी हो गई।
जब डॉक्टर बोले- 12 घंटे आईसीयू में रखना होगा हादसे के तुरंत बाद घर में कोहराम मच गया। पूजा को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे तुरंत आईसीयू (ICU) में भर्ती कर लिया। डॉक्टरों का कहना था कि उसे कम से कम 12 घंटे तक डॉक्टरों की निगरानी में आईसीयू में ही रखना होगा। अब दोनों परिवारों के सामने सबसे बड़ा संकट यह था कि शादी की रस्में कैसे पूरी होंगी।
अस्पताल के बेड पर हुई शादी की रस्में दुल्हन के घायल होने के बावजूद दूल्हे सनी और उनके परिवार ने पीछे हटने के बजाय एक बड़ा फैसला लिया। तय वक्त पर बारात आई। दूल्हा और बारात के स्वागत, चढ़त और द्वारपूजा की शुरुआती रस्में दुल्हन के घर के दरवाजे पर ही निभाई गईं। इसके बाद आगे की मुख्य रस्मों के लिए दूल्हा सनी सीधे अस्पताल पहुंच गया। रात के करीब 1 बजे, अस्पताल के आईसीयू में बेड पर लेटी पूजा के गले में सनी ने वरमाला डाली और उसकी मांग में सिंदूर भरा।
सनी खुद बीए पास हैं और इस समय यूपी पुलिस में सिपाही भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। संकट की इस घड़ी में उन्होंने जिस तरह अपनी दुल्हन का साथ निभाया, उसने अस्पताल के डॉक्टरों से लेकर आम लोगों का दिल जीत लिया है।